जिले में वर्ष 2024 में घटित तोड़फोड़ एवं आगजनी की गंभीर घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई भले ही लंबी चली हो, लेकिन अब जांच की आंच राजनीतिक संगठनों के शीर्ष पदाधिकारियों तक पहुंच चुकी है। घटना के करीब एक वर्ष बाद 10–11 जनवरी 2026 को जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव तथा जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सह सचिव दिनेश कुमार वर्मा उर्फ मंडल को रायपुर से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 378/2024 के तहत की गई है। इन पर बलौदाबाजार में हुई व्यापक तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं में संलिप्त रहने का आरोप है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि आगजनी एवं तोड़फोड़ से जुड़े अन्य पंजीबद्ध अपराधों में भी दोनों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
घटना के समय से लेकर अब तक चली लंबी जांच और कार्रवाई की धीमी रफ्तार पर पहले ही सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस का दावा है कि साक्ष्यों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जा रही है। ताजा गिरफ्तारी के साथ ही बलौदाबाजार तोड़फोड़ एवं आगजनी प्रकरण में अब तक कुल 198 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो इस घटना की व्यापकता और संगठित स्वरूप को दर्शाता है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है—
अजय यादव, पिता रामकुमार, उम्र 51 वर्ष, निवासी धरम नगर पचपेड़ी नाका, रायपुर जिला रायपुर।
दिनेश कुमार वर्मा उर्फ मंडल, पिता चैतराम, उम्र 51 वर्ष, निवासी दुबे कॉलोनी, रायपुर जिला रायपुर।
राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहे इस प्रकरण में अब राजनीतिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों की गिरफ्तारी ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। वहीं, घटना के बाद से चली लंबी अवधि और विलंबित कार्रवाई को लेकर कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवाल अब भी पूरी तरह थमे नहीं हैं।