बाईपास रोड पर सोमवार तड़के खुलेआम गुंडागर्दी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शराब के लिए पैसे नहीं देने पर ट्रक चालकों के साथ मारपीट, जान से मारने की धमकी और वाहनों में तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम देने वाले 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें विधि से संघर्षरत दो बालक भी शामिल हैं।
प्रकरण की रिपोर्ट ट्रक चालक राजेश कुमार रविदास ने दर्ज कराई। उसने बताया कि वह उड़ीसा से ट्रक क्रमांक CG04 PE 7216 में माल लोड कर Shree Cement फैक्ट्री की ओर आ रहा था। 04 मई 2026 की सुबह लगभग 5 बजे रिसदा बाईपास मेन रोड पर आरोपियों ने अपनी दो मोटरसाइकिल ट्रक के सामने खड़ी कर रास्ता रोक लिया। इसके बाद अश्लील गाली-गलौज करते हुए उसे ट्रक से नीचे खींचा गया और शराब पीने के लिए पैसों की मांग की गई।
मना करने पर आरोपियों ने चालक के साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और ट्रक में लगा जीपीएस सिस्टम उखाड़ फेंका। इतना ही नहीं, अन्य ट्रकों को भी रोककर उनके सामने के शीशे पत्थर मारकर तोड़े गए। चालकों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से खुलेआम उत्पात मचाया गया।
मामले में थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 369/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2) (दंगा), 296 (अश्लील कृत्य/गाली-गलौज), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 324(4) (खतरनाक साधन से क्षति) एवं 308(2) (गंभीर आपराधिक कृत्य) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
ट्रक चालकों की सतर्कता और मौके पर मौजूद लोगों की सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से ही पांचों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने शराब के लिए पैसे मांगने, वाहनों को रोकने, मारपीट करने और तोड़फोड़ करने की बात स्वीकार की है।
गिरफ्तार आरोपियों में छत्रपाल यादव (19 वर्ष), नरेश कुर्रे (19 वर्ष) और भावेश वैष्णव (20 वर्ष) शामिल हैं। दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
सुबह-सुबह राष्ट्रीय मार्ग जैसे व्यस्त रास्ते पर इस तरह की गुंडागर्दी ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि ट्रक चालक सतर्कता नहीं दिखाते तो घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बलौदाबाजार के रिसदा बाईपास रोड की इस घटना ने साफ कर दिया है कि असामाजिक तत्व सड़क को वसूली का अड्डा बनाने की कोशिश कर रहे थे। अब देखना यह है कि ऐसे तत्वों पर कितनी कठोर कार्रवाई होती है, ताकि दोबारा किसी चालक को इस तरह की दहशत का सामना न करना पड़े।