0 प्रधानमंत्री आवास योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बावजूद प्रोत्साहन राशि से वंचित रह गए ज़मीनी नायक
कवर्धा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य के लिए कबीरधाम जिले को 30 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर प्रवास के दौरान खुले मंच से प्रशंसा मिली। यहां तक कि उन्होंने दो लाभार्थियों को गृहप्रवेश कर स्वयं चाबियां सौंपीं। लेकिन इन उपलब्धियों के पीछे जिन हाथों ने मेहनत की, वे अब भी अपने मेहनताने के लिए भटक रहे हैं।
‘आवास मित्र’ रह गए उपेक्षित जिले में आवास कार्यों को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए “आवास मित्रों” की नियुक्ति की गई थी, जिन्हें प्रति पूर्ण आवास के हिसाब से ₹1000 की प्रोत्साहन राशि दी जानी थी। सहसपुर लोहारा जनपद में 2610 और बोडला विकासखंड में 1707 आवास पूर्ण कर लिए गए हैं। इसके बावजूद, लगभग सौ से अधिक आवास मित्रों को अब तक उनकी निर्धारित राशि नहीं मिल सकी है।
जारी हुआ बजट, फिर भी भुगतान अटका उक्त पूर्ण आवासों के लिए सहसपुर लोहारा हेतु ₹3.65 लाख और बोडला के लिए ₹2.19 लाख की राशि भुगतान हेतु जारी की गई है। सभी आंकड़े और जानकारियां ऑनलाइन दर्ज होने के बावजूद, जिन लोगों ने दिन-रात मेहनत की, उन्हें ही उनका हक नहीं दिया गया—यह व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
उलटा दबाव, ऊपर से उपेक्षा अधिकारियों द्वारा लगातार बैठकों के माध्यम से आवास कार्यों को समय पर पूरा करने का दबाव डाला जाता है, लेकिन जब बात मेहनत के बदले प्रोत्साहन राशि की आती है, तो उदासीनता दिखाई जाती है। इस उपेक्षा से ‘आवास मित्रों’ में गहरा असंतोष है, मगर अधीनस्थ होने के कारण वे खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं।
न्याय की मांग ‘आवास मित्रों’ की यह नाराजगी अब धीरे-धीरे चर्चा का विषय बनती जा रही है। यह जरूरी है कि प्रशासन न केवल जिले की उपलब्धियों पर गर्व करे, बल्कि उनके पीछे खड़े असली नायकों को भी उनका हक दे।