छत्तीसगढ़ की शांतिप्रिय धरती को दहलाने की साजिश सामने आई है। राज्य के कबीरधाम जिले के जिलाधीश कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, जिसे लेकर प्रदेशभर में चिंता और आक्रोश का माहौल है। छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस धमकी की कड़ी निंदा की है और इसे राज्य की शांति भंग करने की गहरी साजिश बताया है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि छत्तीसगढ़ शांति और समरसता का प्रतीक राज्य है, और इस प्रकार की घटनाएं इसकी छवि को धूमिल करने का प्रयास हैं। किसान मोर्चा ने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि धमकी देने वालों का शीघ्र खुलासा किया जाए और सख्त कार्यवाही की जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेल में बंद सौम्या चौरसिया के प्रभाव में कुछ पुलिस अधिकारियों को गलत तरीके से पदोन्नत किया गया और ईडी पर झूठी एफआईआर कर कार्यवाही की गई। मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए किसान मोर्चा ने कहा कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश की शांति खतरे में पड़ सकती है।
प्रेस विज्ञप्ति में चेताया गया कि छत्तीसगढ़ की शांति को किसी भी कीमत पर नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। यह राज्य भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर है, और इसके खिलाफ साजिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।