जल अभाव ग्रस्त घोषित जिले में रात के अंधेरे में धड़ल्ले से हो रहा नलकूप खनन, प्रशासनिक आदेशों को किया जा रहा अनदेखा
कवर्धा।
एक ओर राज्य सरकार ने कवर्धा जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित कर गंभीर जल संकट की स्थिति को स्वीकार किया है, वहीं दूसरी ओर जिले के चारों विकासखंड—कवर्धा, पंडरिया, बोडला और सहसपुर लोहारा—में रात के अंधेरे में नलकूप खनन का खेल लगातार जारी है।
ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रात होते ही नलकूप खनन की आवाजें आम हो चुकी हैं। इन खनन में न तो किसी प्रकार की अनुमति ली जा रही है और न ही जल स्तर की चिंताओं को तवज्जो दी जा रही है।
प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी
जिले में पानी के गिरते स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नलकूप खनन पर सख्ती से रोक लगाने का आदेश जारी किया था। इसके बावजूद, नियमों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। सवाल यह भी उठता है कि क्या यह कार्य प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है या फिर मिलीभगत का मामला है?
स्थानीय निवासियों की चिंता
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध नलकूप खनन न केवल वर्तमान जल स्रोतों को प्रभावित करेगा, बल्कि आने वाले समय में पेयजल संकट को भी और गहरा कर देगा।
क्या कहता है प्रशासन?
जब इस विषय में संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कुछ ने अनभिज्ञता जताई, तो कुछ ने जाँच का आश्वासन दिया। लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के संकेत नहीं मिले हैं।
निष्कर्ष:
कवर्धा में जल संकट से निपटने के लिए ज़रूरी है कि प्रशासन न केवल सतर्कता बरते बल्कि इस तरह के अवैध कार्यों पर तुरंत रोक लगाए। नहीं तो आने वाले समय में यह संकट विकराल रूप ले सकता है।