कवर्धा कलेक्ट्रेट परिसर में समय हड़कंप मच गया, जब खुद को डिप्टी कलेक्टर बताने वाला एक युवक परिसर में अधिकारियों की तरह भ्रमण करता हुआ पकड़ा गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक शम्मी सिंह ठाकुर और उसके दो साथियों को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी दुर्ग जिले का निवासी है और पिछले कुछ समय से खुद को प्रशासनिक अधिकारी बताकर भ्रम फैला रहा था।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को शम्मी सिंह एक ड्राइवर और एक तथाकथित स्टेनो के साथ आधिकारिक अंदाज में कलेक्ट्रेट पहुंचा। वह परिसर में अधिकारियों जैसा रुख अपनाते हुए विभिन्न विभागों का निरीक्षण करने लगा। हालांकि, उसकी बातचीत और हाव-भाव पर संदेह होने पर कर्मचारियों ने उसे पहचानने की कोशिश की। जवाब स्पष्ट न मिलने पर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और तीनों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक फर्जी पहचान पत्र भी जब्त किया है, जो उसे ‘डिप्टी कलेक्टर’ दर्शाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तीनों से गहन पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था और कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। कलेक्ट्रेट जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह में बिना किसी वैध पहचान के एक फर्जी अधिकारी का प्रवेश करना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक को उजागर करता है।