50वीं बरसी पर कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यक्रम, मीसाबंदियों का हुआ सम्मान
देश में लगे आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए इसे “भारत की आत्मा और लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला” बताया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में उन्होंने आपातकाल विरोधी सेनानियों व मीसाबंदियों का सम्मान किया और इस मौके पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
विधायक बोहरा ने कहा कि 25 जून 1975 को लागू आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था। इंदिरा गांधी की सरकार ने सत्ता के मोह में संविधान, प्रेस, न्यायपालिका और नागरिक अधिकारों को कुचला। यह कोई प्रशासनिक निर्णय नहीं था, बल्कि लोकतंत्र को खत्म करने की तानाशाही साजिश थी।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने जनता के मौलिक अधिकार छीने, असहमति की हर आवाज को जेल में डाला और मीडिया की आज़ादी पर ताले लगाए। परंतु भारत की जनता ने इस अंधेरे के खिलाफ आवाज बुलंद की।”
उन्होंने जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी और हजारों युवाओं के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि लोकतंत्र किसी एक दल का बंधक नहीं, यह जनता की ताकत है। वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और वैश्विक मोर्चों पर उल्लेखनीय प्रगति की है। धारा 370 हटाना, नई शिक्षा नीति, तीन तलाक कानून, जातिगत जनगणना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने देश को नई दिशा दी है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी, नगरपालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिलाधिकारी गोपाल वर्मा, सीईओ अजय त्रिपाठी सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री हरीश लुनिया, कुमारी देवी सोनी व विजय यादव को सम्मानित किया गया।