स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय तबादला सूची के जारी होते ही कबीरधाम में स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। वर्षों बाद पहली बार तबादलों में बिचौलियों और दलालों की एक न चली और स्थानांतरण केवल जनप्रतिनिधियों, संगठन और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर किए गए।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से करीब 60 स्वास्थ्य कर्मियों की तबादला सूची तैयार की गई थी, परंतु अंतिम रूप से केवल 30 कर्मियों का ही स्थानांतरण आदेश जारी किया गया। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई, जिससे लंबे समय से सक्रिय दलाल नेटवर्क पर सीधी चोट पड़ी है।
दलालों की सक्रियता पर सवाल उठते ही खबर ने जोर पकड़ा और मामला चर्चाओं में आ गया। कई स्वास्थ्य कर्मचारी अब दलालों से अपने पैसों की वापसी के लिए चक्कर काट रहे हैं, जो यह दावा कर रहे थे कि वे तबादले ‘पक्के’ करा देंगे।
अब दलालों को उम्मीद है कि एक “द्वितीय सूची” भी जारी होगी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अब कोई दूसरी सूची जारी नहीं की जाएगी। दरअसल, कबीरधाम के सीएमएचओ डॉ. बी.एल. राज का खुद स्थानांतरण हो चुका है और वे बेमेतरा में पदस्थ कर दिए गए हैं।
डॉ. बी.एल. राज के स्थानांतरण के बाद नया अधिकारी अभी तक पदभार ग्रहण नहीं कर पाया है। शनिवार और रविवार के अवकाश के चलते यह कार्य अब सोमवार, 30 जून को ही संभव हो पाएगा। यही दिन ‘स्थानांतरण नीति 2025’ का अंतिम दिन भी होगा। ऐसे में अब किसी प्रकार की नई सूची की संभावना नगण्य मानी जा रही है।
कबीरधाम में स्वास्थ्य विभाग की यह तबादला प्रक्रिया एक नई शुरुआत का संकेत दे रही है, जहां सिफारिश, आवश्यकता और पारदर्शिता को महत्व दिया गया है और दलाली के पुराने सिस्टम को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।