पवित्र सावन मास 11 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है, जिसके तहत जिलेभर में भक्ति और आस्था की गूंज सुनाई देगी। सावन के प्रथम सोमवार 14 जुलाई को पारंपरिक भोरमदेव पदयात्रा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ बैठक कर व्यापक तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने कवर्धा से अमरकंटक तक 180 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग की साफ-सफाई, सुरक्षा, ठहरने, चिकित्सा और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
उन्होंने अमरकंटक से लेकर बुढ़ामहादेव तक समुचित सुविधा देने के निर्देश दिए, जिसमें वॉटरप्रूफ टेंट, मेडिकल टीमें, अस्थायी बस परमिट, बाइक एम्बुलेंस, और स्वच्छ पेयजल जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। एनसीसी, NSS, रेडक्रॉस, ज्वॉइन हैंड्स जैसे संगठनों को सेवा कार्यों में सहभागी बनाने की योजना बनाई गई है।
सावन माह में लाखों श्रद्धालु मां नर्मदा से जल लेकर अमरकंटक से रवाना होकर भोरमदेव और बुढ़ामहादेव मंदिर तक पदयात्रा करते हैं। इस विशाल यात्रा को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुट गया है।
भोरमदेव पदयात्रा 14 जुलाई को प्रातः 7 बजे बूढ़ा महादेव मंदिर से प्रारंभ होगी।जनभागीदारी, सेवा और समर्पण से यह आयोजन प्रदेश की आस्था और एकता का प्रतीक बनेगा।