छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और व्यवसायी अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया। दोनों को पहले से चल रहे शराब घोटाले में जेल में बंद होने के कारण प्रोडक्शन वारंट पर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
EOW ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 11, 13(1)(क), 13(2) और IPC की धारा 120बी, 384 व 409 के तहत केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2021-22 में धान कस्टम मिलिंग के नाम पर राज्य में करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की गई, जिसे एक संगठित तंत्र के जरिए अंजाम दिया गया।
इस रैकेट में राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी संलिप्त पाए गए हैं, जिनमें अध्यक्ष कैलाश रुंगटा, कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर, रामगोपाल अग्रवाल और सिद्धार्थ सिंघानिया के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि वसूली गई रकम अनवर ढेबर के माध्यम से अनिल टुटेजा तक पहुंचाई गई।
EOW की जांच लगातार तेज हो रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां संभव हैं। घोटाले से जुड़े फंड फ्लो और अन्य लाभार्थियों की पहचान के लिए पूछताछ जारी है।