बरसात के मौसम में कबीरधाम जिले के जंगल और ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश के मामले तेजी से बढ़े हैं। वन बहुल बोडला, पंडरिया और सहसपुर लोहारा क्षेत्रों में लोग खासतौर पर इस खतरे से जूझ रहे हैं। जिला अस्पताल कबीरधाम में सर्पदंश के मरीजों का बेहतर इलाज जारी है। बीते दो माह में कुल 46 मरीजों का सफल उपचार किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, थानखमरिया से 1, लोहारा से 3, बोडला से 12, पंडरिया से 11 और कवर्धा से 19 मरीज पहुंचे हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन ने जनता से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में गुनिया-बैगा का सहारा न लें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जाकर इलाज कराएं। जिला अस्पताल के साथ-साथ ब्लॉक स्तर पर भी इलाज की बेहतर व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा वनांचल इलाकों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोग सर्पदंश के प्राथमिक लक्षण, बचाव और सही उपचार के प्रति जागरूक हो सकें। विभाग ने बताया कि जहरीले सांपों की पहचान, दंश के लक्षण और एंटीवेनम का महत्व बताकर लोगों की जान बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अब तक जिला अस्पताल में इलाज कराए 46 सर्पदंश मरीजों ने समय पर इलाज पाकर नई जिंदगी पाई है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति अंधविश्वास का शिकार न बने और समय रहते अस्पताल पहुंचकर इलाज कराए।