कवर्धा , अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले शुक्रवार को ब्लॉक स्तर पर सैकड़ों कर्मचारी एकजुट होकर हड़ताल पर रहे। इस दौरान सभी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित समस्त सचिवों के नाम 11 सूत्रीय मांगपत्र कलेक्टर को सौंपा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए मोदी की गारंटी अनुसार केंद्र के समान 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय तिथि से देने, जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि जीपीएफ खाते में समायोजित करने, वेतन विसंगति निवारण हेतु गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान (8, 16, 24 और 30 वर्ष) लागू करने की मांग की गई।
इसके साथ ही सहायक शिक्षक और सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान, कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त स्थायी आदेश, सीधी भर्ती के सभी पदों में अनुकंपा नियुक्ति, शासकीय सेवकों को 300 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण, पुरानी पेंशन बहाली के लिए NPS कटौती तिथि से सेवा गणना और विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मांगें पूरी नहीं होतीं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।