BP NEWS CG
कवर्धाछत्तीसगढ़बड़ी खबरसमाचारसिटी न्यूज़

महिला प्रधानपाठक के रात्रि निवास से मचा प्रशासनिक हलचल — अधीक्षक और नोडल अधिकारी की भूमिका पर प्रश्न

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
जिला कबीरधाम के विकासखण्ड बोड़ला अंतर्गत बालक आश्रम बैरख, संकुल केंद्र पालक एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां की महिला प्रधानपाठक के अनधिकृत  निवास के मामले ने न केवल नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आश्रम संचालन और निगरानी तंत्र की जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा किए गए निरीक्षण में यह पाया गया कि प्रधानपाठक बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के रात्रि में आश्रम में निवास कर रही थीं। इस पर संबंधित शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा गया है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि आश्रम के अधीक्षक और नोडल अधिकारी ने इस स्थिति की सूचना उच्च कार्यालय को क्यों नहीं दी?
🔹 नियमों का उल्लंघन या निरीक्षणीय तंत्र की कमी
राज्य शासन द्वारा जारी आश्रम संचालन नियमों में स्पष्ट है कि किसी भी महिला कर्मचारी को रात्रि में आश्रम में रहने की अनुमति नहीं है, जब तक कि विशेष परिस्थितियों में सक्षम अधिकारी से लिखित स्वीकृति न ली गई हो।
इसके बावजूद यह स्थिति बनी रही, जो आश्रम संचालन की निगरानी प्रणाली की निष्क्रियता को उजागर करती है।
🔹 नोडल और सहायक आयुक्त पर भी सवाल
बालक आश्रमों की नियमित समीक्षा और सुरक्षा निरीक्षण की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी और सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग की होती है।
फिर भी इस तरह की घटना का पूर्व में कोई रिकॉर्ड न होना प्रशासनिक पारदर्शिता पर प्रश्न खड़ा करता है। क्या यह लापरवाही थी या नियमों की अनदेखी — यह जांच का विषय है।
“अगर किसी महिला प्रधानपाठक को रात में रुकना पड़ता है, तो उसके लिए स्पष्ट प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा प्रोटोकॉल होना चाहिए। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ अनुशासन भी जरूरी है।
यह मामला केवल एक प्रधानपाठक के रात्रि निवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाता है जो बालक आश्रमों की सुरक्षा, पारदर्शिता और संचालन की जिम्मेदारी निभा रही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस प्रकरण को नियम उल्लंघन के दायरे में रखता है या इसे संवेदनशील नीतिगत सुधार के अवसर के रूप में देखता है।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

जनपद क्षेत्र में विकास की बही गंगा अब जिला पंचायत सदस्य की ओर 

Bhuvan Patel

आदिवासी छात्र लापता: सरकारी हॉस्टलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

Bhuvan Patel

पंडरिया निकाय चुनाव में हार के डर से घबराई कांग्रेस, भाजपा प्रत्याशी से मारपीट एवं महिला प्रत्याशी से अभद्रता के साथ ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मचाया उत्पाद

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!