भाटापारा में किसानों की गंभीर समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ का एक प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष रिकेश साहू के नेतृत्व में विधायक इंद्र साव से मिला और 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को विधानसभा पटल पर प्रमुखता से उठाया जाए।
इस दौरान विधायक इंद्र साव ने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हो रहा है और मौजूदा व्यवस्था किसानों की मेहनत का पूरा मूल्य देने में असफल रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि किसानों की आवाज को वे पूरी मजबूती के साथ विधानसभा में उठाएंगे।
किसान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रशासन द्वारा स्थापित धान खरीदी केंद्र अपनी वास्तविक क्षमता से बहुत कम मात्रा में धान खरीदी कर रहे हैं, जिससे अधिकांश किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए हैं। संघ ने मांग की कि खरीदी की इस सीमा को तत्काल हटाकर केंद्रों की पूर्ण क्षमता के अनुसार धान खरीदी की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने टोकन व्यवस्था को भी किसान विरोधी बताते हुए कहा कि वर्तमान में “तुहर टोकन” एप की तकनीकी समस्याओं के कारण हजारों किसान टोकन लेने से वंचित रह गए हैं। किसानों ने टोकन वितरण का अनुपात 70:30 से बदलकर 50:50 करने, छोटे किसानों को अधिक टोकन देने, सूखत के नाम पर अत्यधिक कटौती रोकने और पंजीयन व रकबा सुधार की प्रक्रिया को सरल कर समिति स्तर पर ही उपलब्ध कराने की मांग की।
साथ ही पूर्ववर्ती सरकार की धान खरीदी की लंबित चौथी किश्त की राशि शीघ्र किसानों के खातों में जमा कराने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।
विधायक इंद्र साव ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और किसानों की पीड़ा को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों के हक और सम्मान की लड़ाई विधानसभा से सड़क तक लड़ी जाएगी और किसी भी कीमत पर किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।