जिला कांग्रेस कमेटी कबीरधाम के अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने भाजपा सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल को पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में किए गए वादे आज तक जमीन पर नहीं उतरे। उन्होंने आरोप लगाया कि जल-जंगल-जमीन को बड़े उद्योगपतियों के हवाले किया जा रहा है, आदिवासी अधिकारों का हनन हो रहा है और किसान खाद-बीज, बिजली कटौती व धान खरीदी की अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं।
कबीरधाम के शक्कर कारखानों में गन्ना किसानों का भुगतान महीनों अटका रहने से आर्थिक संकट गहरा गया है। गृह मंत्री का जिला होने के बावजूद अपराध बढ़े हैं; मूर्ति चोरी-खंडन और सामाजिक अशांति की घटनाएँ सामने आई हैं। शिक्षा में शिक्षकों की कमी, किताबों की देरी, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं पर भ्रष्टाचार के आरोप और 500 रुपये गैस सिलेंडर जैसे वादों की असफलता भी उजागर हुई है।
बिजली बिलों में बढ़ोतरी से गरीब-मध्यम वर्ग परेशान है, वहीं सड़कों की बदहाली और पंचायतों के पास फंड की कमी विकास को रोक रही है। जायसवाल ने कहा कि सरकार केवल अपने नेताओं-कार्यकर्ताओं को खुश करने में लगी है, जबकि किसान, युवा, महिलाएं और आम जनता सबसे अधिक परेशान हैं—और जनता आने वाले समय में इसका जवाब देगी।