कसडोल थाना क्षेत्र के घने जंगलों में लंबे समय से फल-फूल रहे अवैध महुआ शराब के गोरखधंधे पर आबकारी विभाग ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। कलेक्टर दीपक सोनी के सख्त निर्देश तथा जिला आबकारी अधिकारी मुकेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई ने अवैध शराब कारोबारियों की कमर तोड़ दी है।
गुरुवार को आबकारी विभाग को ग्राम असनीद के कुशवा डबरा जंगल में बड़े पैमाने पर कच्ची महुआ शराब निर्माण की पुख्ता सूचना मिली। सूचना मिलते ही टीम ने बिना देरी किए जंगल की ओर कूच किया और सुनियोजित ढंग से दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से अवैध शराब निर्माण में जुटे लोगों में हड़कंप मच गया।
मौके से आबकारी टीम को भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद हुई। तलाशी के दौरान 40 किलो क्षमता की 18 प्लास्टिक बोरियों में भरा कुल 720 किलो महुआ लाहन तथा 10 लीटर क्षमता की 6 पॉलिथीन में संग्रहित 60 बल्क लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई। लाहन के सैंपल लेकर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जब्त सामग्री का कुल बाजार मूल्य ₹55,200 आंका गया, जिसमें कच्ची महुआ शराब की कीमत ₹12,000 और महुआ लाहन की कीमत ₹43,200 शामिल है।
इस अवैध कारोबार में संलिप्त दिनेश कुमार पिता बालकराम, निवासी असनीद तथा रूद्रकुमार पिता मायाराम जायसवाल, निवासी चांदन (वर्तमान निवास असनीद) को चिन्हित कर उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क)(च), 34(2) एवं 59(क) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
इस सफल और साहसिक कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह, आबकारी उपनिरीक्षक मनराखन नेताम, दिनेश कुमार साहू, पी. माधव राव, नगर सैनिक कमल वर्मा एवं दुर्गेश्वरी कुर्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि जंगलों की आड़ में चल रहा अवैध शराब का कारोबार अब सुरक्षित नहीं है। कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए यह कड़ी चेतावनी है, वहीं आम जनता के लिए यह भरोसे का संकेत कि प्रशासन अवैध गतिविधियों पर पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रहा है।