महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम पर ग्रामीण विकास के दावों की पोल ग्राम पंचायत परसाभदेर (च) में पूरी तरह खुल चुकी है। वर्ष 2020 में स्वीकृत 14.42 लाख रुपये की लागत से बनने वाला नवीन पंचायत भवन आज तक अधूरा पड़ा है और अब यह भवन खंडर में तब्दील होकर नशाखोरी का अड्डा बन चुका है।



