विधानसभा सत्र के अंतिम दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने क्षेत्र और प्रदेश के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को मजबूती से उठाकर जनहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया। उन्होंने कृषि विकास, किसान कल्याण, आदिवासी आश्रम-छात्रावासों में रिक्त पदों की पूर्ति, मत्स्य पालन को बढ़ावा तथा ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण जैसे मुद्दों पर सार्थक प्रश्न रखे।
कृषि के क्षेत्र में उन्होंने पंडरिया विधानसभा के विशाल 1,46,124 हेक्टेयर कृषि रकबे का उल्लेख करते हुए खाद एवं प्रमाणित बीजों के भंडारण और वितरण की स्थिति पर जानकारी प्राप्त की। जवाब में सरकार ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में किसानों को आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराए गए हैं और वितरण भी संतोषजनक रहा है, जिससे खेती को मजबूती मिली है।
आदिवासी छात्रों के हित में विधायक बोहरा ने आश्रम, शालाओं और छात्रावासों में रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। विभाग ने जानकारी दी कि अधीक्षकों के 44 पद रिक्त हैं, जिनकी पूर्ति की प्रक्रिया जारी है। साथ ही छात्रवृत्ति भुगतान में सुधार के लिए नई व्यवस्था लागू कर समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी सकारात्मक तस्वीर सामने आई। कबीरधाम जिले में 1448 मत्स्य पालकों का पंजीयन तथा 1250 से अधिक हितग्राहियों को लगभग 49.72 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। साथ ही योजनाओं के तहत स्वीकृत बजट का पूर्ण उपयोग कर लाभार्थियों को सीधा फायदा पहुंचाया गया है।
प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विधायक बोहरा ने गंभीरता दिखाई। सरकार ने बताया कि राज्य में कुल 109 संरक्षित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल हैं, जिनका नियमित संरक्षण किया जा रहा है। इन स्थलों के रखरखाव और विकास के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, विधायक भावना बोहरा द्वारा उठाए गए इन मुद्दों ने न केवल पंडरिया बल्कि पूरे प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में सकारात्मक पहल को दर्शाया है।