जिले में शनिवार शाम एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेषण गृह से 6 अपचारी बालक एक सुनियोजित योजना के तहत फरार हो गए। बालकों ने कर्मचारियों की आंखों में मिर्ची पाउडर फेंका और मुख्य गेट से निकल भागे।
यह घटना शाम करीब 6 बजे की है, जब संप्रेषण गृह में सामान्य दिनचर्या चल रही थी। तभी बालकों ने अचानक मिर्ची पाउडर का इस्तेमाल कर कर्मचारियों को अंधा कर दिया और मौका पाकर भाग निकले।
फरार बालकों में एक अंबिकापुर, एक जांजगीर-चांपा और चार सूरजपुर जिले से हैं। ये सभी चोरी व अन्य आपराधिक मामलों में संप्रेषण गृह में निरुद्ध थे।
सूचना मिलते ही गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक फरार बालकों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
यह घटना संप्रेषण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक ओर जहां बाल अपचारियों को सुधारने की जिम्मेदारी संप्रेषण गृह की होती है, वहीं इस तरह की घटनाएं न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर करती हैं।
गांधीनगर थाना प्रभारी ने बताया, “घटना की जांच जारी है। हमें उम्मीद है कि सभी फरार बालक जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे। सुरक्षा में हुई चूक की भी जांच की जा रही है।”
यह मामला न केवल एक फरारी का है, बल्कि पूरे सुधार गृह सिस्टम की साख और संवेदनशीलता पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न है।