कवर्धा। करोड़ों की उधारी और बढ़ते आर्थिक दबाव ने एक परिवार को मौत के मुहाने पर ला खड़ा किया। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में 42 वर्षीय व्यापारी योगेश जैन ने अपनी पत्नी सुमन जैन (37), बेटी तान्या (16) और बेटे प्रिंस (17) के साथ जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। चारों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना ने शहर को भीतर तक हिला दिया है।
जानकारी के अनुसार, योगेश जैन लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। बाजार में करीब 4 करोड़ रुपए की उधारी फंसी होने की बात सामने आई है। लेन-देन को लेकर विवाद और कथित वसूली के दबाव ने उनकी मानसिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था। घटना से पहले लिखे गए तीन पन्नों के सुसाइड नोट में रकम फंसने, लगातार पैसों की मांग और जान से मारने की कथित धमकियों का उल्लेख बताया जा रहा है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार के चारों सदस्य घर में अचेत अवस्था में मिले। परिजनों और आसपास के लोगों ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी है। चिकित्सकों के अनुसार जहर का असर गंभीर है और अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। फिलहाल चारों की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट बरामद कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नोट की सत्यता, हस्तलेखन और उसमें दर्ज आरोपों की बारीकी से जांच की जाएगी। साथ ही कारोबारी के बैंक लेन-देन, मोबाइल कॉल डिटेल और जिन लोगों का जिक्र सामने आ रहा है, उनसे पूछताछ की जाएगी। यह भी जांच का विषय है कि कहीं अवैध दबाव, प्रताड़ना या वसूली की स्थिति ने इस भयावह कदम को जन्म तो नहीं दिया।
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या आर्थिक तंगी और बाजार का दबाव इतना बढ़ चुका है कि परिवारों की जिंदगियां दांव पर लग रही हैं? क्या समय रहते किसी ने मानसिक या सामाजिक सहयोग देने की कोशिश की?
फिलहाल पूरा शहर अस्पताल से आने वाली हर सूचना पर नजर गड़ाए हुए है। एक ओर परिवार जिंदगी की जंग लड़ रहा है, तो दूसरी ओर पुलिस सच की परतें खोलने में जुटी है। 4 करोड़ की उधारी का यह मामला अब सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था के सामने खड़े बड़े सवालों का आईना बन गया है।