BP NEWS CG
Breaking Newsकवर्धाबड़ी खबरसिटी न्यूज़

नियम विरुद्ध स्थानांतरण से नाराज वन कर्मी, हड़ताल की राह पर 

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
काष्ठागार कवर्धा में हुए वन विभाग के कर्मचारियों के बैठक में जिले भर से आए कर्मचारियों ने विभाग में अधिकारियों के तानाशाही रवैया से नाराजगी व्यक्त किए। वन कर्मचारी संघ के चार पदाधिकारियों का चुनकर, जानबूझकर, कर्मचारियों की आवाज को दबाने के उद्देश्य से नियम विरुद्ध कार्य आबंटन किया गया है। उक्त कार्य आबंटन अग्नि सीजन में, विधानसभा सत्र चलने के दौरान, स्थानांतरण प्रतिबंधित अवधि में किया गया है। जिले भर के कर्मचारियो ने उक्त आदेश के लिए नाराजगी प्रगट किया है। कर्मचारियों ने उक्त आदेश को निरस्त करने वन मंडलाधिकारी कवर्धा से मिलकर निवेदन किया जिसका कोई परिणाम नहीं आने से मुख्य वन संरक्षक दुर्ग से निवेदन किया है। संभागीय पदाधिकारियों ने नियमों का हवाला देते सीसीएफ दुर्ग के उक्त आदेश को नियम विरुद्ध आदेश बताकर नियम की कॉपियां भी सौंपी है और उसे निरस्त करने का अनुरोध किया है। 
 निवेदन से बात नहीं बनने पर कर्मचारी संघ ने आंदोलन की राह चुनी है। छ. ग. वन कर्मचारी संघ जिला कबीरधाम के समस्त वन कर्मचारी दिनांक 09/04/2025 से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने वाले हैं। उक्त बैठक में जिले के समस्त पदाधिकारी , सभी तहसील अध्यक्ष और सभी रेंज अध्यक्ष सहित जिले भर के कर्मचारी गण मौजूद रहे।

जिले में पहले से कम कर्मचारी

  ज्ञातव्य हो कि कवर्धा जिले में पहले से कर्मचारियों की टोटा है, साल 2023-24 में होने वाली वनरक्षकों की भर्ती अभी भी लटकी हुई है। कई बीटगार्ड डबल बीट के प्रभार में है, फिर भी अधिकारियों को मनमानी सूझ रही है। 
जिलाध्यक्ष वन कर्मचारी संघ परसराम चंद्राकर ने बताया कि उक्त कार्य आबंटन आदेश नियम विरुद्ध है। सामान्य प्रशासन विभाग और शासन के गाईड लाईन के ठीक उलट आदेश जारी किया गया है । बताया कि इस आदेश से कर्मचारियों में आक्रोश है और यह कर्मचारियों का दमन करने की नियत से किया गया आदेश प्रतीत होता है। उन्होंने आगे कहा कि वन कर्मचारी संघ के समस्त सदस्य अपने कर्तव्य के प्रति सजग हैं अधिकारियों के समस्त निर्देशों का पालन किया जाता है। किंतु नियम विरुद्ध आदेश को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अग्नि घटनाओं में होगी बढ़ोत्तरी

   16 फ़रवरी से 15 जून तक फायर सीजन में जंगल में आगजनी की घटना होती है। मैदानी कर्मचारी आग बुझाने का काम करते हैं। कर्मचारियों के हड़ताल में चले जाने से जंगल में अग्नि दुर्घटना बढ़ेगा। फायर कंट्रोल नहीं होने से जंगल को काफी नुकसान हो सकता है। तेंदूपत्ता खरीदी पर भी हड़ताल का असर दिखेगा।  
   जिले में वन कर्मचारियों को रेंजर स्तर के कर्मचारी परेशान करते हैं। समस्याओं से अवगत कराने पर उच्चाधिकारियों से आश्वासन तो मिलता है किंतु समाधान नहीं होता। उच्चाधिकारी रेंजर के साथ खड़े नज़र आते हैं । बिना हथियार अपराध नियंत्रण करने वाले, दिन और रात में आग बुझाने वाले, संवेदनशील जंगल में अकेले गस्त करने वाले मैदानी कर्मचारी आज पीड़ित दिख रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों की पीड़ा और समस्या को रखने वाले संघ पदाधिकारियों को ही निशाना बनाया जा रहा है। वह भी नियम विरुद्ध। मनमानी, तानाशाही और दमनकारी रवैया कर्मचारी नहीं सहेंगे। अपनी बात रखने का आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचा है।

 

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

*जेल में बंद कैदियों को मिलेगा गंगा जल स्नान का अवसर: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा*

Bhuvan Patel

पांडातराई थाना क्षेत्र के खरहट्टा के पास ट्रक की टक्कर से बाइक सवार की मौके पर मौत

Bhuvan Patel

प्रशासन की तत्परता से जिले में 14 बाल विवाह रोके गए   

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!