जिले के सिमगा विकासखंड के ग्राम खिलोरा में संचालित एकता एग्रो राइस मिल में बड़े पैमाने पर धान गबन का मामला सामने आया है। सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त एक शिकायत की जांच के बाद खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए 372.34 क्विंटल समर्थन मूल्य का अवैध धान जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग 8.65 लाख रुपये आंकी गई है।
शिकायत से खुली परतें, शुरू हुई जांच
सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम खिलोरा के ग्रामीणों ने एकता एग्रो राइस मिल की संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत की थी। खाद्य निरीक्षक द्वारा की गई गहन जांच में राइस मिल द्वारा ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा विभागीय दस्तावेज प्राप्त होना तो पाया गया, लेकिन भंडारण और वितरण में भारी गड़बड़ी उजागर हुई।
फर्जीवाड़ा ऐसे हुआ उजागर
खाद्य विभाग की टीम द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में यह पाया गया कि राइस मिल ने 31,805.48 क्विंटल धान का उठाव किया था। नियम के अनुसार इस धान से चावल तैयार कर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (नान) और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को जमा करना था। मिल ने 6,653.66 क्विंटल चावल जमा किया, लेकिन मौके पर केवल 394 क्विंटल चावल और 21,803.18 क्विंटल धान ही मौजूद पाया गया।
गणना के अनुसार 372.34 क्विंटल धान अतिरिक्त पाया गया, जो किसी भी वैध अभिलेख में दर्ज नहीं था। यह सीधे तौर पर धांधली और सरकारी अनाज के दुरुपयोग का मामला है।
मिल संचालक के पास नहीं था कोई जवाब
जांच के दौरान जब मिल संचालक अनंत शर्मा से अतिरिक्त धान के संबंध में पूछताछ की गई, तो वे कोई भी संतोषजनक या दस्तावेज़ी उत्तर नहीं दे सके। यह स्पष्ट संकेत है कि उक्त धान को छिपाने या अवैध तरीके से उपयोग करने की मंशा थी।
कड़ी कार्रवाई की तैयारी में प्रशासन
खाद्य विभाग ने जब्त किए गए धान को फिलहाल मिल संचालक की सुपुर्दगी में रखा है, लेकिन यह मामला अब शासन-प्रशासन के उच्च अधिकारियों की नजर में आ गया है। आगे की जांच के बाद आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अन्य मिलों पर भी मंडराने लगा है खतरा
इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन अब अन्य राइस मिलों की भी गहन जांच कराने की तैयारी में है। मिल मालिकों को सख्त संदेश दिया गया है कि समर्थन मूल्य के धान में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।