जिले में बच्चों को नशे की दलदल में धकेलने की शर्मनाक साजिश का भंडाफोड़ करते हुए कबीरधाम पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पंचर किट की आड़ में स्कूली बच्चों को जानलेवा सोल्यूशन बेच रहे थे, जिससे बच्चे नशा करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शैलेन्द्र गुप्ता (35), निवासी पाण्डातराई और सुनील जायसवाल (25), निवासी खण्डसरा के रूप में हुई है। दोनों को साइबर सेल और थाना कोतवाली की संयुक्त टीम ने सिविल ड्रेस में ग्राहक बनकर जाल बिछाकर धर दबोचा।
मौके से भारी मात्रा में नशीली सोल्यूशन ट्यूब्स बरामद हुई हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे इन ट्यूब्स को ऊंचे दामों पर बच्चों को बेचते थे, जिससे उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति बिगड़ती थी।
आईजी अभिषेक शांडिल्य और एसपी धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को लेकर पुलिस अधीक्षक ने सख्त संदेश देते हुए कहा—
“बच्चों का भविष्य बर्बाद करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह केवल अपराध नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी पर हमला है।”
दोनों आरोपियों को BNSS की धारा 170/125, 135(3) के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
संदेश स्पष्ट है:
बचपन बचाना है—नशे के सौदागरों को सलाखों के पीछे पहुँचाना है।