मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के प्रशासन, संस्कृति, खेल, आवास और पर्यटन से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट द्वारा लिए गए मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं:
—
1. स्थानांतरण नीति 2025 को मिली मंजूरी राज्य सरकार ने नई स्थानांतरण नीति को मंजूरी दी। जिला स्तरीय स्थानांतरण 14 से 25 जून और राज्य स्तरीय स्थानांतरण संबंधित विभागीय मंत्री की अनुमति से होंगे। आवेदन 6 से 13 जून तक लिए जाएंगे। पति-पत्नी की एक स्थान पर पदस्थापना, पारदर्शिता और ग्रामीण-शहरी संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी।
—
2. दामाखेड़ा का नाम बदला, अब होगा ‘कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा’ बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की ग्राम पंचायत दामाखेड़ा का नाम अब ‘कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा’ होगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा फरवरी 2024 में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया।
—
3. दो ग्राम पंचायतों का नाम परिवर्तन कबीरधाम जिले की ग्राम पंचायत गदहाभाठा का नाम अब सोनपुर और चण्डालपुर का नाम अब चन्दनपुर होगा।
—
4. नवा रायपुर में बनेगा ‘कलाग्राम’ – संस्कृति को मिलेगा नया मंच राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में संस्कृति विभाग को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित कर ‘कलाग्राम’ स्थापित किया जाएगा, जो लोक कलाकारों और शिल्पकारों के लिए एक समर्पित मंच होगा।
—
5. राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी को मिली हरी झंडी नवा रायपुर में 13.47 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना होगी। इसमें अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और छात्रावास व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
—
6. ‘किफायती जन आवास नियम, 2025’ को मंजूरी कम व मध्यम आय वर्ग को शहरों में सस्ते भूखंड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह नई योजना लाई गई है। इससे अवैध प्लाटिंग पर रोक लगेगी और व्यवस्थित कॉलोनियों का विकास होगा।
—
7. ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान योजना’ की शुरुआत राज्य सरकार ने सामाजिक, साहित्य, शिक्षा, पर्यावरण, खेल, विज्ञान, महिला एवं बाल विकास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं और संगठनों को सम्मानित करने की योजना शुरू की है। प्रत्येक वर्ष एक युवा और एक संस्था को मिलेगा ‘युवा रत्न सम्मान’।
—
8. कोच भर्ती नियमों में अस्थायी शिथिलीकरण खेल एवं युवा कल्याण विभाग में प्रशिक्षकों की भर्ती के लिए एक वित्तीय वर्ष तक राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्था (NIS) के डिप्लोमा नियमों में शिथिलीकरण किया गया।
—
9. ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा – ‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30’ लागू बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई होमस्टे नीति लाई गई है। यह नीति ‘वोकल फॉर लोकल’ के लक्ष्य को साकार करेगी।
इन निर्णयों से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक सुधार, सांस्कृतिक सशक्तिकरण, युवा प्रोत्साहन और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दे रही है।