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छीतापार में 10 लाख की लागत से बन रहे सामुदायिक भवन में भारी अनियमितता, न बोर्ड, न गुणवत्ता, न निगरानी

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कवर्धा ,
कबीरधाम जिले के पंडरिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत छीतापार में 10 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन में घोर लापरवाही और गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर न तो लागत बोर्ड लगाया गया है, न ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का कोई ध्यान रखा जा रहा है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, भवन का निर्माण गौठान के पास किया जा रहा है, लेकिन सूचना बोर्ड न होने के कारण आमजन को यह जानकारी तक नहीं है कि निर्माण कार्य कब शुरू हुआ, कौन सी एजेंसी कार्य कर रही है, और निर्धारित समयसीमा क्या है। यह स्पष्ट रूप से CPWD और पंचायत निर्माण मैनुअल के नियमों का उल्लंघन है, जिनके अनुसार सार्वजनिक निर्माण स्थलों पर कार्य से संबंधित समस्त जानकारी बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होता है।
गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण में मिट्टी युक्त रेत और कम मात्रा में सीमेंट का उपयोग हो रहा है, जिससे संरचना की मजबूती पर सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा 8mm और 10mm की सरिया का प्रयोग किया जा रहा है, जो भवन के भार और डिजाइन की दृष्टि से अपर्याप्त है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि सामग्री की अनुपात और गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं है, तो यह भवन भविष्य में जान-माल की हानि का कारण बन सकता है।
पूर्व निर्माण कार्य भी गुणवत्ताहीन
स्थानीय लोगों ने उदाहरण देते हुए बताया कि करीब 10 माह पूर्व बनाए गए सीसी रोड में भी मिट्टी युक्त रेत और घटिया सीमेंट के कारण सड़क उखड़ चुकी है और जगह जगह पर दरार दिखाई दे रहा है यदि सामुदायिक भवन के निर्माण में भी यही रवैया रहा तो जल्द ही यह भवन भी जर्जर अवस्था में आ जाएगा।
सरपंच पर पक्षपात और राजनीतिक रंग देने का आरोप
ग्रामीणों ने सरपंच पर आरोप लगाया कि वे कार्य को राजनीतिक रंग देकर भाजपा कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं, लेकिन पंचायती दायित्वों और जनहित की अनदेखी कर रहे हैं। निर्माण एजेंसी और पंचायत सचिव की मौन स्वीकृति भी इस लापरवाही को बढ़ावा दे रही है। संबंधित विभागीय अधिकारी भी अब तक स्थल निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचे हैं।
नियम और दिशा-निर्देश क्या कहते हैं
भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय और राज्य लोक निर्माण विभाग (PWD) के निर्देशानुसार:
हर सार्वजनिक निर्माण कार्य स्थल पर सूचना पट्ट लगाना अनिवार्य है जिसमें लागत, ठेकेदार का नाम, परियोजना अवधि और योजनांतर्गत विवरण स्पष्ट हो।
निर्माण कार्यों में ISI मानकों के अनुसार सामग्री का उपयोग करना अनिवार्य है।
निर्माण स्थल पर इंजीनियर या तकनीकी पर्यवेक्षक की उपस्थिति अनिवार्य होती है।
इन नियमों का पालन न होने पर निर्माण एजेंसी, सरपंच, और संबंधित तकनीकी विभाग पर कार्रवाई का प्रावधान है।
ग्रामीणों की मांग – हो निष्पक्ष जांच
स्थानीय जनता ने निर्माण स्थल की तकनीकी जांच, मिट्टी-सीमेंट के अनुपात की परीक्षण, तथा निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सरिया की गुणवत्ता की लैब जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराएंगे।

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