कबीरधाम जिले में पशु तस्करी और क्रूरता की एक और घटना सामने आई है। ग्राम सूखाताल निवासी 20 वर्षीय गोकुल वर्मा द्वारा दी गई सूचना के आधार पर भोरमदेव थाना क्षेत्र के राजानवागांव में छह युवकों को अमानवीय ढंग से चार बछड़ों को पीटते और भूखे-प्यासे हालत में भोरमदेव ले जाते हुए पकड़ा गया।
सूचना मिलते ही गौ-रक्षक दल के सदस्य हरीश पाली, पुष्कर शुक्ला, शिवा पाली और सूरज चंद्रवंशी ने मौके पर पहुंचकर देखा कि बछड़ों को जोड़ी में बांधकर निर्दयता से पीटा जा रहा था। मौके से छह आरोपियों को पकड़ा गया:
1. दिलीप धुर्वे (36 वर्ष), ग्राम छेरकीकछार
2. महेश मरकाम (26 वर्ष), ग्राम लोरी जामगांव
3. अनीराम धुर्वे (21 वर्ष), ग्राम छेरकीकछार
4. दिनेश मरकाम (21 वर्ष), ग्राम लोरी जामगांव
5. आशीष मरकाम (20 वर्ष), ग्राम लोरी जामगांव
6. राजकुमार धुर्वे (23 वर्ष), ग्राम लोरी जामगांव
इनमें से दिलीप धुर्वे और महेश मरकाम के कब्जे से चार बछड़े बरामद किए गए। पशु चिकित्सक द्वारा परीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि बछड़े भूखे-प्यासे और अत्यंत पीड़ित अवस्था में थे।
इस घटना के संबंध में भोरमदेव थाना में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रूपक शर्मा, एएसआई दिनेश झरिया और प्रधान आरक्षक खुमान सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
कब तक चलेगी पशु तस्करी की यह काली श्रृंखला
जिला कबीरधाम के तरेगांव, भोरमदेव, रेंगाखर और कुकदुर थाना क्षेत्र तस्करी के बड़े गढ़ बन चुके हैं। प्रशासनिक कार्रवाई अक्सर केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है। हर बार पकड़ के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, जिससे तस्करों के हौसले बुलंद हैं।
अब सवाल यह उठता है कि क्या कानून के डर के बिना पशुओं पर यह अत्याचार जारी रहेगा, या कबीरधाम प्रशासन अब वास्तविक सख्ती दिखाएगा ।