फूड फ्रॉड का बड़ा मामला उजागर हुआ है, जिसमें लोकल चावल को मशहूर ब्रांड अब्बा हुजूर के नकली पैकेजिंग में भरकर ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करते हुए दो न्यायिक आयुक्तों की टीम ने टैगोर नगर, एकता नगर और टेमरी स्थित तीन गोदामों में छापा मारकर 180 टन चावल जब्त किया। इनमें से 90 टन चावल अब्बा हुजूर के नकली लेबल में भरा हुआ था।
इस फर्जीवाड़े में आराध्या एग्रोटेक नामक कंपनी और उसके संचालक नरेंद्र खेतपाल व किशन खेतपाल की संलिप्तता सामने आई है। जांच में पाया गया कि वासंता राइस इंडस्ट्रीज (तेलंगाना) द्वारा उत्पादित असली अब्बा हुजूर ब्रांड की डुप्लीकेट बोरियां तैयार कर उनमें घटिया लोकल चावल भरा गया और मूल ब्रांड की कीमत पर बाज़ार में बेचा जा रहा था।
दिल्ली से पहुंची टीम ने रायपुर पुलिस और असली निर्माता कंपनी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्रवाई कर सभी गोदामों को सील कर दिया है। मौके से बड़ी संख्या में खाली कट्टे और पैकेजिंग सामग्री भी बरामद की गई है। माना थाने में जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।
ब्रांड धोखाधड़ी और उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ के इस मामले में दो राइस मिलरों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।



