फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे शासकीय सेवाओं में प्रवेश के मामले में प्रदेश स्तर पर जारी जांच के क्रम में जिला कबीरधाम में भी कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, कबीरधाम द्वारा जारी आदेश अनुसार, दो शासकीय कर्मचारियों की दिव्यांगता जांच के लिए राज्य मेडिकल बोर्ड रायपुर भेजे जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कार्यालय के निर्देश और माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश क्रमांक 3472/2025 दिनांक 02 मई 2025 के अनुपालन में की जा रही है। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों की जांच राज्य मेडिकल बोर्ड से कराई जाए और सभी प्रकरणों का निपटारा आगामी 10 जुलाई 2025 तक सुनिश्चित किया जाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला कबीरधाम के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अंतर्गत कार्यरत सहायक ग्रेड-2 अजय देवांगन तथा एएनएम रंजना राजपूत की दिव्यांगता की पुनः जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस उद्देश्य हेतु एक चार सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है, जिसमें सिविल सर्जन एवं जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. केशव ध्रुव, खंड चिकित्सा अधिकारी पिपरिया डॉ. विनोद चंद्रवंशी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. हर्षित टुवानी, तथा सहायक ग्रेड-3 नरेश चंद्रवंशी को नामांकित किया गया है।
जांच दल को निर्देशित किया गया है कि वे अधिष्ठाता, मेडिकल कॉलेज रायपुर से समन्वय स्थापित कर शीघ्रता से संबंधित कर्मचारियों को राज्य अथवा संभागीय मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करें और निर्धारित समयावधि में जांच प्रतिवेदन तैयार कर गोपनीयता के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपें।
यह प्रकरण राज्य सरकार की उन सख्त कोशिशों का हिस्सा है जिसके तहत फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी सेवा में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता और फर्जीवाड़े पर प्रभावी अंकुश लगेगा।