छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले ने जल संरक्षण को जनआंदोलन में बदलते हुए एक ही दिन में दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। “मोर गांव-मोर पानी” महाअभियान के तहत जिले में 12 घंटे के भीतर 1 लाख 2 हजार 98 सोख पिट (सोखता गड्ढा) बनाए गए, वहीं 1 लाख 17 हजार 504 नागरिकों ने जल संरक्षण की शपथ ली।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स एशिया प्रमुख मनीष विश्नोई ने जिला कार्यालय में आयोजित समारोह में कलेक्टर गोपाल वर्मा और जिला पंचायत सीईओ अजय कुमार त्रिपाठी को प्रोविजनल वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाण पत्र सौंपा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान ने साबित कर दिया कि जब प्रशासन और जनता मिलकर काम करें, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
कलेक्टर वर्मा ने इसे जिले के हर नागरिक का सम्मान बताते हुए समाजसेवी संगठनों, महिला समूहों, मीडिया, स्कूली छात्रों और अधिकारियों का आभार जताया।
चारों विकासखंडों में अभूतपूर्व भागीदारी रही—पंडरिया में 27,911, बोड़ला में 26,205, कवर्धा में 23,110 और सहसपुर लोहारा में 24,872 सोख पिट बनाए गए। शपथ लेने वालों की संख्या भी इन क्षेत्रों में लाखों तक पहुंची।
यह उपलब्धि न केवल कबीरधाम, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है कि जब संकल्प जनसहयोग बन जाए, तो पर्यावरण संरक्षण जैसे लक्ष्य भी साकार किए जा सकते हैं।