छत्तीसगढ़ कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: किसानों को प्रोत्साहन, पेंशन और लॉजिस्टिक में बड़े सुधार, ‘जन विश्वास विधेयक’ से आएगा Ease of Doing Business में नया दौर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, कर्मचारियों, उद्यमियों और आम जनता के हित में सात ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। ये निर्णय न केवल राज्य की सामाजिक-आर्थिक दिशा को प्रभावित करेंगे बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय विकास की दौड़ में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेंगे।
🟩 1. कृषक उन्नति योजना का विस्तार – धान के अलावा मक्का, दलहन-तिलहन उत्पादक भी होंगे लाभान्वित
राज्य सरकार ने खरीफ 2025 के लिए कृषक उन्नति योजना के तहत बड़ा बदलाव करते हुए धान की जगह अब दलहन, तिलहन, मक्का जैसी फसलें बोने वाले किसानों को भी आदान सहायता देने का निर्णय लिया है। यह कदम फसल विविधिकरण को बढ़ावा देगा और धान पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
🟩 2. राज्य में ‘पेंशन फंड’ का गठन – भविष्य की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित
सरकारी कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन भुगतान की निरंतरता सुनिश्चित करने हेतु मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन के लिए विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी है। इससे पेंशन दायित्वों के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता और स्थायित्व आएगा।
🟩 3. ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड – मंदी के समय आर्थिक सुरक्षा की मजबूत ढाल
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड के गठन को भी हरी झंडी दी है। यह फंड राजस्व में अचानक उतार-चढ़ाव या आर्थिक संकट के समय राजकोषीय संतुलन बनाए रखने में मददगार होगा।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ लॉजिस्टिक पॉलिसी 2025 को मंजूरी दी है, जिसके तहत राज्य को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य होगा। इस नीति से:
ड्राई पोर्ट/ICD की स्थापना को मिलेगा बढ़ावा
MSMEs और स्थानीय उत्पादकों को मिलेगा निर्यात के लिए प्लेटफॉर्म
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे
वन संसाधनों और औषधीय उत्पादों का भी वैश्विक बाजार तक विस्तार होगा
🟩 5. जन विश्वास विधेयक 2025 – छोटे उल्लंघनों के लिए सजा नहीं, सुधार को प्राथमिकता
Ease of Doing Business को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक-2025 को मंजूरी दी गई है। इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होगी और नागरिकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल व सहज होगी।
🟩 6. जर्जर भवनों का होगा रिडेवलपमेंट – 7 योजनाओं को मिली मंजूरी
राज्य भर में स्थित सरकारी संपत्तियों के बेहतर उपयोग के लिए 7 स्थानों पर रीडेवलपमेंट योजनाओं को मंजूरी दी गई है:
शांति नगर रायपुर
बीटीआई शंकर नगर रायपुर
कैलाश नगर राजनांदगांव
चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर
सिविल लाइन कांकेर
क्लब पारा महासमुंद
कटघोरा कोरबा
🟩 7. कर्मचारियों को पदोन्नति में राहत – पात्रता सेवा 5 से घटाकर 2 वर्ष
वाणिज्यिक कर विभाग के पंजीयन शाखा में कार्यरत कर्मचारियों को उप पंजीयक पद पर पदोन्नति के लिए एकमुश्त सेवा की न्यूनतम अर्हता 5 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष कर दी गई है, जिससे कर्मचारियों को त्वरित पदोन्नति का अवसर मिलेगा।
✅ कैबिनेट के फैसलों से राज्य में निवेश, रोजगार और प्रशासनिक पारदर्शिता को मिलेगा नया आयाम
राज्य सरकार के इन निर्णयों को आर्थिक सुधार, प्रशासनिक सुगमता और जनकल्याण के संतुलित मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ अब Ease of Doing Business + Ease of Living के दोहरे लक्ष्य की ओर मजबूती से अग्रसर है।