कवर्धा
पंडरिया उप वनमंडल के अंतर्गत आने वाले पंडरिया परिक्षेत्र (पश्चिम) के ग्राम पंचायत छिंदीडीह के आश्रित ग्राम में वन्यप्राणी द्वारा मवेशियों के शिकार की घटनाओं ने ग्रामीणों में भय का माहौल बना दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 जून को गांव में एक बकरी का शिकार किया गया था, जिसकी जानकारी स्थानीय ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को नहीं दी गई। लेकिन 4 जुलाई को एक गाय का पुनः शिकार होने के बाद मामला गंभीर हो गया। शिकार स्थल पर मिले पदचिन्हों के आधार पर वन विभाग ने आशंका जताई है कि किसी हिंसक वन्यप्राणी — संभवतः बाघ या तेंदुआ — की लगातार उपस्थिति क्षेत्र में बनी हुई है।
वन विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आसपास के ग्रामों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया है। पंडरिया परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि “4 जुलाई के बाद कोई मूवमेंट नहीं देखा गया है, लेकिन किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचाव के लिए एहतियातन सतर्कता बरती जा रही है।”

कबीरधाम वन मण्डल अचानकमार टाइगर रिजर्व और कान्हा टाइगर रिजर्व के बीचों बीच है, जिससे बाघों की आवाजाही इन क्षेत्रों में होती रहती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि यह बाघ या तेंदुआ शिकार की तलाश में गांव के समीप पहुंच गया हो।
ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। बाघ की आक्रामकता और मवेशियों पर हमले ने पूरे गांव में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और निगरानी के विशेष उपाय करने की मांग की है।
वन विभाग द्वारा कैमरा ट्रैप लगाने की योजना बनाई जा रही है जिससे पशु की पहचान की जा सके और आगे की कार्यवाही की जा सके।




