प्रथम दिन 500 श्रद्धालु पहुंचे, शिवभक्ति की सेवा को बताया भगवान शिव की कृपा का सौभाग्य
कवर्धा
सावन मास की पवित्र शुरुआत के साथ ही भगवान शिव के प्रति अपार श्रद्धा लेकर निकली कांवड़ यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। कबीरधाम जिले से हजारों शिवभक्त प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी अमरकंटक पहुंचकर जलेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर रहे हैं। इन श्रद्धालुओं की यात्रा को सुखद और व्यवस्थित बनाने के लिए पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने इस वर्ष भी निःशुल्क विश्राम एवं भोजन की व्यवस्था कराई है।
यह सेवा कार्य लगातार चौथे वर्ष संचालित हो रहा है, जो 11 जुलाई से 6 अगस्त 2025 तक मेला मैदान, नया नगर पालिका, अमरकंटक (म.प्र.) में संचालित किया जा रहा है। सावन के प्रथम सोमवार को ही लगभग 500 कांवड़ियों ने इस सुविधा का लाभ लिया। विधायक भावना बोहरा के भावना समाजसेवी संस्थान के सदस्य पूरे समर्पण के साथ दिन-रात सेवा में लगे हुए हैं।
शिवभक्ति में समर्पित सेवा भावना
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि “कांवड़ यात्रियों की सेवा करना भगवान शिव की सेवा करने जैसा है। यह मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है कि मैं चौथे वर्ष भी इस पवित्र कार्य में सहभागी बन सकी हूं।” उन्होंने आगे बताया कि बीते वर्ष लगभग 11,000 शिवभक्तों को इस सेवा का लाभ मिला था और इस वर्ष भी उन्हीं सुविधाओं के साथ सेवा जारी है।
व्यवस्था में शामिल
सुबह चाय-नाश्ता
दोपहर और रात्रि का सात्विक भोजन
स्नान, शौचालय, पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधा
प्रतिदिन भोलेनाथ जी की भव्य महारती
24 घंटे सेवाभावी स्वयंसेवकों की उपस्थिति
आवश्यक जानकारी हेतु हेल्पलाइन: 9755359004 / 9754462000
आस्था, परंपरा और प्रेरणा का संगम
विधायक बोहरा ने कहा कि यह सेवा न केवल भक्तों की सुविधा के लिए है, बल्कि सनातन परंपरा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार का माध्यम भी है। “जब हम शिवभक्तों की सेवा करते हैं, तो वह हमारे समाज को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ता है और हमारी आगामी पीढ़ियों को धार्मिक परंपराओं से जोड़े रखने में मदद करता है,” उन्होंने कहा।
श्रद्धालुओं का उत्साह और सहयोग
प्रथम दिन पहुंचे श्रद्धालुओं ने भोजन, विश्राम और सेवा की सराहना की और विधायक भावना बोहरा का आभार व्यक्त किया। स्थानीय सेवा दल के सदस्यों ने भी पूरे उत्साह के साथ कांवड़ियों का स्वागत और सेवा की।
अमरकंटक में कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए चौथे वर्ष भी भावना बोहरा द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य ने यह सिद्ध कर दिया है कि राजनीति के साथ यदि भक्ति और सेवा जुड़ जाए तो वह समाज में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश छोड़ता है। श्रद्धालुओं के लिए यह सेवा न केवल एक ठहराव है, बल्कि शिवभक्ति की यात्रा का आत्मिक विश्राम भी है।