श्रावण मास की पुण्य बेला में अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम भक्ति, सेवा और समर्पण का तीर्थ बन गया है। आज का दृश्य विशेष रूप से भावुक कर देने वाला था, जब छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने स्वयं कांवड़ यात्रियों को अपने हाथों से भोजन और प्रसाद परोसा। इस भावपूर्ण सेवा से श्रद्धालुओं के चेहरे भक्ति और संतोष से दमक उठे।
“शिवभक्तों की सेवा ही सच्ची शिव आराधना है” — यह कथन उपमुख्यमंत्री ने न सिर्फ कहा, बल्कि उसे जीते हुए दिखाया। “हर हर महादेव” और “बोल बम” के गगनभेदी नारों के बीच उन्होंने शिवभक्तों से आत्मीय संवाद किया और निःस्वार्थ सेवा को धर्म बताया।
इस अवसर पर कबीरधाम जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, सदस्य वीरेंद्र साहू, गोपाल साहू समेत अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई और कांवड़ियों की सेवा में लगे रहे।
उपमुख्यमंत्री की पहल पर निःशुल्क सेवा केंद्र
श्री शर्मा की पहल पर मृत्युंजय आश्रम में संचालित नि:शुल्क सेवा केंद्र अब तक 85 बोल बम समितियों के 18 हजार से अधिक यात्रियों को लाभ पहुँचा चुका है। यह सेवा 6 अगस्त तक जारी रहेगी, जिसमें चाय-नाश्ता, भोजन, स्वच्छ जल, विश्राम स्थल, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं।
आज ही के दिन दो हजार से अधिक शिवभक्तों ने सेवा केंद्र में भोजन ग्रहण किया। जिला बोल बम समन्वय समिति की टीम — अनिल ठाकुर, दाउवा गुप्ता, मंजीत बैरागी, निशांत झा, सुधीर केशरवानी, रामसिंह ठाकुर आदि — सेवा कार्य में समर्पित हैं।
भक्ति और सेवा का सामाजिक संदेश
श्रद्धालुओं ने कहा कि मृत्युंजय आश्रम केवल विश्राम स्थल नहीं, बल्कि शिवभक्ति, मानव सेवा और सामाजिक सौहार्द का जीवंत प्रतीक बन चुका है। अमरकंटक की घाटियाँ “हर हर नर्मदे” और “बोल बम” के जयकारों से गूंज रही हैं।
उपमुख्यमंत्री की यह पहल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई है, जो बताती है कि शासन का असली धर्म जनता के दुख-सुख में सहभागी बनना है।
भक्ति, सेवा और सामाजिक चेतना के संगम से सजी यह यात्रा शिवभक्तों के दिलों में अमिट छाप छोड़ गई है।