छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में सोशल मीडिया के जरिए भरोसे का जाल बुनकर एक शातिर ठग ने युवती को प्रेमजाल में फांसकर 7 लाख 35 हजार की ठगी कर ली। आरोपी ने खुद को लोक निर्माण विभाग (PWD) का सिविल इंजीनियर बताया और फेसबुक पर एक युवती से संपर्क कर पहले दोस्ती की, फिर प्रेम और शादी का वादा किया।
बिलासपुर के तखतपुर निवासी जयप्रकाश बघेल नामक आरोपी ने युवती से शादी की बात तक चलाई, यहां तक कि उसके परिवार से मिलकर रिश्ते की बात भी पक्की कर ली। लेकिन कुछ दिन बाद कहानी में नया मोड़ आया। आरोपी ने एक्सीडेंट का बहाना बनाकर भावनात्मक रूप से युवती को ब्लैकमेल किया और इलाज के लिए तत्काल पैसों की मांग की।
युवती ने भरोसे में आकर किश्तों में 7.35 लाख रुपये PhonePe व अन्य डिजिटल माध्यमों से ट्रांसफर कर दिए। पैसे मिलते ही आरोपी का रवैया बदल गया और संपर्क खत्म हो गया। जब युवती को शक हुआ और उसने पड़ताल की, तो सामने आया कि आरोपी न तो इंजीनियर था, न सरकारी कर्मचारी—बल्कि पहले से ही रायपुर के पुरानी बस्ती थाने में ठगी का फरार आरोपी था।
डोंगरगढ़ पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर अब अपराध क्रमांक 379/2025, धारा 318(4) BNS के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने इसे “डिजिटल लव स्कैम” की गंभीर मिसाल बताते हुए जनता को सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
पुलिस की अपील
किसी भी व्यक्ति की सरकारी पहचान या नौकरी का दावा हो, तो उसकी वैधानिक पुष्टि करें—खासकर जब मामला पैसे और रिश्ते से जुड़ा हो।
यह घटना न सिर्फ एक युवती के साथ विश्वासघात है, बल्कि डिजिटल दौर में तेजी से बढ़ती ‘भावनात्मक ठगी’ की खतरनाक बानगी भी है। जरूरत है सजग रहने की, ताकि प्यार के नाम पर अपराधियों के जाल में फंसने से बचा जा सके।