जिला कबीरधाम अंतर्गत संचालित आदिवासी विकास विभाग के छात्रावासों/आश्रमों की निगरानी और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर जिला स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया गया है। इस समिति में तहसील पंडरिया के जनप्रतिनिधि श्री रतिराम भट्ट को भी सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
समिति का गठन आदिवासी तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा छात्रावास/आश्रमों की गुणवत्तापूर्ण व्यवस्थाओं की समीक्षा और सुधार के उद्देश्य से किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर कबीरधाम द्वारा आदेश क्रमांक 1569/आजाक/छात्रावास-आश्रम/2025-26 दिनांक 18.07.2025 को जारी किया गया।
समिति में कुल 15 सदस्य शामिल हैं, जिनमें कलेक्टर कबीरधाम अध्यक्ष के रूप में जबकि जिला पंचायत, जनपद, विधायक प्रतिनिधि, स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य, विद्युत विभागों के अधिकारी तथा समाजसेवी और शिक्षकगण को भी सदस्य के रूप में स्थान दिया गया है।
समिति के मुख्य उद्देश्य एवं कार्य
1. छात्रावासों में प्रवेशित विद्यार्थियों की उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग कर सुधार हेतु सुझाव देना।
2. समय-सारिणी का पालन सुनिश्चित कराना।
3. पेयजल, विद्युत, भोजन, साफ-सफाई जैसे मूलभूत सुविधाओं की समय-समय पर समीक्षा।
4. भवन की स्थिति का निरीक्षण एवं सुधार हेतु प्रयास।
5. छात्रावास के मेस की निगरानी, शुल्क भुगतान की व्यवस्था का मूल्यांकन।
6. परिसर की स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के स्तर की समीक्षा।
7. विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी।
8. विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता की समीक्षा।
9. छात्राओं की सुरक्षा तथा महिला कर्मियों की उपस्थिति की समीक्षा।
समिति प्रत्येक 6 माह में कम से कम दो बार बैठक आयोजित कर विभाग को प्रतिवेदन सौंपेगी।
विशेष रूप से रतिराम भट्ट की भूमिका इस समिति में आदिवासी समुदाय की जमीनी जरूरतों को शासन तक पहुंचाने में अहम मानी जा रही है। पंडरिया क्षेत्र के सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में उनकी नियुक्ति से स्थानीय हितों की प्रभावी अभिव्यक्ति की संभावना और मजबूत हुई है।