बलौदाबाजार
ग्राम पंचायत मालीडीह (विकासखंड कसडोल) के ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में पहुँचकर पूर्व सरपंच के पति शिव कुमार यादव के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत सौंपी। ग्रामीणों का आरोप है कि यादव ने ग्राम पंचायत की सार्वजनिक संपत्ति — सार्वजनिक बोर और शौचालय परिसर — पर अवैध कब्जा करते हुए निजी मकान निर्माण कर लिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कृत्य न केवल छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के विरुद्ध है, बल्कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत दंडनीय अपराध भी है। ग्रामीणों ने मांग की कि इस विषय पर राजस्व विभाग एवं पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराते हुए अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए।

कानूनी उल्लंघन के बिंदु
1. पंचायत राज अधिनियम 1993, धारा 49(1) के अनुसार ग्राम पंचायत की संपत्ति पर अवैध अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी पंचायत पदाधिकारियों की है।
2. भू-राजस्व संहिता 1959, धारा 131 के तहत तहसीलदार/अनुविभागीय अधिकारी को सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने का अधिकार है।
3. IPC की धारा 447 और 188 के अनुसार, सार्वजनिक भूमि पर अनधिकृत निर्माण अवैध प्रवेश और सरकारी आदेश की अवहेलना की श्रेणी में आता है।
जनता की पीड़ा
ग्रामीणों ने कहा कि सार्वजनिक सुविधा केंद्रों — बोर और शौचालय — को कब्जे में लेकर निजी निर्माण कर लेना गांव के समस्त नागरिकों के अधिकारों का हनन है। इससे गांव में स्वच्छता और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बाधित हो रही हैं।
ग्रामीणों की मांग
राजस्व और पंचायत अधिकारियों की उपस्थिति में मौके की जांच हो।
अतिक्रमण को तत्काल हटाकर भूमि को पुनः सार्वजनिक घोषित किया जाए।
दोषियों पर कानूनी कार्यवाही हो ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
ज्ञापन देने वालों में हुए शामिल
शशिभाई टंडन, हेमसागर पटेल, रमेश, उषा कश्यप, चंद्रराम, गीता राम, संतोष कुमार सहित दर्जनों ग्रामवासी कलेक्टर जनदर्शन में शामिल हुए।
ग्राम पंचायत देमारी के सचिव द्वारा हस्ताक्षरित यह आवेदन दिनांक 05/08/2025 को प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों को आशा है कि प्रशासन जनहित में शीघ्र निर्णय लेकर सार्वजनिक भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराएगा।


