कवर्धा , नगर पालिका का दर्जा मिलने के बावजूद पंडरिया में स्वच्छता व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। शहर का पुराना शासकीय अस्पताल जो लंबे समय से बंद पड़ा है, उसके सामने और आसपास का क्षेत्र कचरे के अघोषित डंपिंग ज़ोन में तब्दील हो गया है।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका कर्मचारी आसपास के मोहल्लों और बाज़ार क्षेत्र से कचरा एकत्र कर यहीं पर अस्थायी रूप से डालते हैं और फिर सप्ताह में केवल दो दिन बाद उसका उठाव किया जाता है। इस दौरान गंदगी और सड़ांध फैलती है।
आसपास के लोगों और दुकानदारो ने बताया कि अस्पताल के सामने चाय दुकानों और भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनभर आवाजाही रहती है, लेकिन कचरे से उठती दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। वहीं, नगर पालिका के स्वच्छता अभियान के दावे इस स्थिति में खोखले नज़र आते हैं।
नगरवासियों का कहना है कि यदि तुरंत स्थायी कचरा निस्तारण की व्यवस्था नहीं की गई तो बदबू और गंदगी से स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से अपील की है कि स्वच्छता अभियान के वास्तविक उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए ठोस कार्यवाही की जाए।