कवर्धा, ग्राम बासिनझोरी के बच्चों और माताओं को अब शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल रही हैं। अभिसरण के तहत महात्मा गांधी नरेगा, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, जिला खनिज न्यास और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त सहयोग से यहाँ नया आंगनबाड़ी भवन तैयार किया गया है।
करीब 11.69 लाख रुपए की लागत से निर्मित यह भवन ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को पूरा करता है। निर्माण कार्य में न केवल गुणवत्ता का ध्यान रखा गया बल्कि 504 मानव दिवस का रोजगार भी स्थानीय ग्रामीणों को मिला।
पूर्व में आंगनबाड़ी अस्थायी भवन में संचालित हो रही थी, जिससे बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही थीं। बारिश के दिनों में तो स्थिति और भी विकट हो जाती थी। अब नए भवन के बन जाने से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है—जहाँ पहले 22 बच्चे दर्ज थे, अब यह संख्या 27 तक पहुँच गई है। साथ ही, 7 गर्भवती और 4 शिशुवती माताओं को भी नियमित रूप से पोषण व स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
आंगनबाड़ी में प्रत्येक माह टीकाकरण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे महिलाओं और बच्चों को बाहर नहीं जाना पड़ता। सोमवार से शनिवार तक बच्चों को रेडी टू ईट नाश्ता, पौष्टिक भोजन और खेलकूद की सुविधाएं मिल रही हैं।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि अभिसरण मॉडल से आंगनबाड़ी भवन जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी की जा रही हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार हो। वहीं, जिला पंचायत सीईओ अजय कुमार त्रिपाठी ने इसे बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में कारगर कदम बताया।
सच में, बासिनझोरी का नया आंगनबाड़ी भवन ग्रामीण विकास की मिसाल बन गया है।