BP NEWS CG
Breaking Newsकवर्धापंडरियासमाचारसिटी न्यूज़

अवैध रेत परिवहन धड़ल्ले से जारी: नियम-कानूनों की अनदेखी, विभाग की कार्यवाही पर सवाल, पर्यावरण पर बढ़ता खतरा

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
कवर्धा , जिले के नदी-नालों और जंगल सहित मैदानी इलाकों से अवैध रेत परिवहन थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासनिक प्रतिबंध और सख्त कानूनों के बावजूद खनन माफिया सक्रिय हैं और खुलेआम रेत की ढुलाई कर रहे हैं।
हाल ही में पंडरिया विकासखंड के वनांचल ग्राम भाकुर के समीप नाला से रेत लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर भाकुंर के रप्टा पर पलट गया। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने अवैध परिवहन के खतरों और विभागीय लापरवाही को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

क्या कहता हैं कानूनी प्रावधान
भारत में रेत खनन को नियंत्रित करने के लिए कई कानून लागू हैं—

  1. खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957
  2. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
  3. छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015
  4. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और सुप्रीम कोर्ट के आदेश
इन प्रावधानों के तहत बिना लीज, परमिट या वैध परिवहन पास के रेत का खनन और ढुलाई पूरी तरह प्रतिबंधित है। लेकिन कबीरधाम समेत कई जिलों में यह प्रतिबंध सिर्फ कागजों पर दिखाई देता है।

पर्यावरण और समाज पर असर

  • विशेषज्ञों के अनुसार अवैध रेत खनन और ढुलाई के दुष्परिणाम दूरगामी हैं
  • नदी-नालों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ना
  • भूजल स्तर में गिरावट
  • नदी किनारों का कटाव और खेती योग्य जमीन का नुकसान
  • जैव विविधता पर असर – जलीय जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास नष्ट होना
सड़क हादसे और जनहानि का खतरा
बिना फिटनेस और ओवरलोड ट्रैक्टर-हाइवा दुर्घटनाएं बढ़ा रहे हैं

 प्रशासन पर उठते सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित है। अवैध खनन और परिवहन में लिप्त वाहनों पर न तो नियमित जांच होती है और न ही कड़ी दंडात्मक कार्यवाही।
खनिज विभाग, राजस्व अमला , वन विभाग और पुलिस प्रशासन की समन्वयहीनता के चलते खनन माफिया बेखौफ सक्रिय हैं। यही कारण है कि नदी-नालों से रेत उठाकर जिले से बाहर मध्यप्रदेश तक आपूर्ति धड़ल्ले से जारी है।
यदि स्थिति पर जल्द रोक नहीं लगाई गई तो कबीरधाम जैसे वनांचल और प्राकृतिक जलस्रोतों वाले इलाके आने वाले वर्षों में पर्यावरणीय संकट का सामना करेंगे।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और सर्वोच्च न्यायालय पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि अवैध खनन को रोकना राज्यों की जिम्मेदारी है।

अपील

कबीरधाम की यह तस्वीर केवल एक भाकुर ,कुकदूर की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे जिला ,प्रदेश में फैले अवैध रेत खनन के नेटवर्क की हकीकत को सामने लाती है। आवश्यक है कि—
  • निगरानी तंत्र मजबूत हो
  • तुरंत जब्ती और FIR की कार्रवाई हो
  • जनभागीदारी से सतर्कता बढ़े
  • पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन हो

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

विकसित भारत के संकल्प के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं को विधायक भावना बोहरा ने किया संबोधित

Bhuvan Patel

सड़क हादसे में दिवंगत के परिवार को मिला आर्थिक संबल, उपमुख्यमंत्री की अनुशंसा पर 5 लाख की सहायता

Bhuvan Patel

भोरमदेव महोत्सव में छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत के साथ हिंदी जगत के कलाकारों से सजेगा महफिल

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!