कवर्धा , ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से बने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (R.E.S.) विभाग की कार्यशैली अब सवालों के घेरे में है। पंडरिया अनुविभागीय अधिकारी (R.E.S.) का मुख्यालय से लगातार गायब रहना और सप्ताह में मात्र दो-तीन दिन ही कार्यालय में उपस्थित होना, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार संबंधित अधिकारी ज्यादातर समय बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में अपने गांव-घर के आसपास ही व्यतीत करते हैं। नतीजा यह है कि पंडरिया विकासखंड की 142 ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी व निरीक्षण पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अधिकारी की अनुपस्थिति के चलते निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। गुणवत्ता की अनदेखी कर ठेकेदारों और जिम्मेदार अमले द्वारा मनमानी की जा रही है, जिससे योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक नहीं पहुँच पा रहा।
मुख्यालय पर अधिकारी की उपस्थिति ही नियमित नहीं है तो योजनाओं की निगरानी, तकनीकी मूल्यांकन और गुणवत्ता सुनिश्चित करना असंभव है। इससे सरकार की विकास योजनाओं की साख पर भी आंच आती है।