कवर्धा। छत्तीसगढ़ के शासकीय पीजी कॉलेज में हुए ₹1.22 करोड़ गबन कांड ने उच्च शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि तत्कालीन प्राचार्य बी.एस. चौहान और सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी प्रमोद वर्मा ने जनभागीदारी मद की राशि का दुरुपयोग करते हुए फर्जी भुगतान दिखाकर करोड़ों रुपये हड़प लिए।
पुलिस ने प्रमोद वर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि प्राचार्य चौहान अभी तक फरार हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि आरोपी प्राचार्य की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
यह प्रकरण न केवल कवर्धा जिले, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। करोड़ों के इस गबन ने उच्च शिक्षा संस्थानों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गहरी चोट पहुंचाई है।