आदिवासी छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले में कबीरधाम वकील संघ का बड़ा फैसला – आरोपियों की पैरवी नहीं होगी, हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट वकीलों से भी समाज ने की अपील”
जिले में 24 सितम्बर को आदिवासी छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। इस संवेदनशील मामले में जिला वकील संघ कबीरधाम द्वारा ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है कि कोई भी अधिवक्ता आरोपी पक्ष की पैरवी नहीं करेगा।
आदिवासी समाज ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए वकील संघ का आभार व्यक्त किया है। समाज का कहना है कि यह कदम पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। साथ ही आदिवासी समाज ने हाई कोर्ट वकील संघ बिलासपुर और सुप्रीम कोर्ट वकील संघ दिल्ली से भी अपील की है कि वे भी इस मामले में आरोपी पक्ष की पैरवी न करें और पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने में सहयोग करें।
जिला आदिवासी समाज कबीरधाम ने आवेदन पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि इस मामले में समाज एकजुट है और चाहता है कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा संदेश दिया जा सके।
आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों मनोज धुर्वे, गजराज, चैतुराम, चरण सिंह और धनश्याम मेरखी ने संयुक्त रूप से आवेदन पर हस्ताक्षर कर वकील संघ के निर्णय का समर्थन किया।