BP NEWS CG
Breaking Newsबड़ी खबरसमाचारसिटी न्यूज़

मनरेगा से बदली किसान चेतन धुर्वे की किस्मत — सिंचाई कूप बना आत्मनिर्भरता की पहचान, अब तीनों मौसम में होती है फसल

Flex 10x20 new_1
previous arrow
next arrow
कवर्धा,
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ने जिले के ग्रामीण अंचल के अनेक किसानों के जीवन में नई रोशनी लाई है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है विकासखंड सहसपुर लोहारा के ग्राम कुरूवा के किसान श्री चेतन धुर्वे की, जिनके खेत में बने मनरेगा से निर्मित सिंचाई कूप ने उनके जीवन को बदल दिया है।

पहले चेतन धुर्वे पूरी तरह बरसात के पानी पर निर्भर रहते थे। उनके पास केवल 1.5 एकड़ जमीन थी, जिसमें एक फसलीय खेती ही संभव थी। सिंचाई के अभाव में कई बार फसलें नष्ट हो जाती थीं और उन्हें आर्थिक संकट झेलना पड़ता था। लेकिन जब उन्हें मनरेगा के तहत सिंचाई कूप निर्माण की जानकारी मिली, तो उन्होंने ग्राम पंचायत कुरूवा में प्रस्ताव रखा।
ग्राम पंचायत के माध्यम से स्वीकृति मिलने के बाद ₹2.52 लाख की लागत से उनका सिंचाई कूप 8 मई से 29 जून 2024 के बीच तैयार हुआ। इस कार्य से ₹1.03 लाख की मजदूरी स्थानीय मनरेगा जॉब कार्डधारी परिवारों को प्राप्त हुई, जिससे न केवल चेतन धुर्वे बल्कि गांव के अन्य परिवारों को भी रोजगार मिला। निर्माण में ₹1.44 लाख की सामग्री लागत व्यय हुई।
आज यह सिंचाई कूप श्री धुर्वे के जीवन में खुशहाली का प्रतीक बन गया है। अब वे केवल खरीफ ही नहीं बल्कि रबी और जायद सीजन की फसलें भी ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब खेतों में धान, तिलहन और सब्जी की खेती होती है। वे अपने खेत की उपज से न सिर्फ घर का खर्च चला रहे हैं बल्कि अतिरिक्त आमदनी भी कमा रहे हैं।
अब चेतन धुर्वे ने अपने खेत के साथ-साथ पास के किसानों से रेगहा पर जमीन लेकर कुल 5 एकड़ में खेती शुरू कर दी है। इससे उनकी आमदनी में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। सब्जी उत्पादन और पशुपालन से उन्हें स्थायी आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
हितग्राही का अनुभव:
श्री चेतन धुर्वे बताते हैं –
“पहले केवल बारिश के भरोसे खेती करता था, लेकिन अब सालभर फसल उत्पादन कर पा रहा हूं। मेरे खेत की उत्पादकता बढ़ी है और परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है।
महात्मा गांधी नरेगा योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई है।”
आज चेतन धुर्वे की कहानी मनरेगा से मिली नई उम्मीद का जीवंत उदाहरण है। उनकी मेहनत और सरकारी योजना के संयोजन ने यह साबित कर दिया है कि यदि योजनाओं का क्रियान्वयन सही दिशा में हो, तो हर किसान अपने खेत में खुशहाली और आत्मनिर्भरता का बीज बो सकता है।

IMG-20250710-WA0006
previous arrow
next arrow

Related posts

पंडरिया विधानसभा के लिए भाजपा ने भावना बोहरा को बनाया अपना उम्मीदवार

Bhuvan Patel

कलेक्टर के निर्देशों की उड़ती धज्जियां! — PWD की लापरवाही से तारो-रेँगाखार मार्ग मौत का जाल बना

Bhuvan Patel

हरियाली, शांति और रोमांच का संगम: बारनवापारा अभयारण्य ने यूरोप तक बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान

Bhuvan Patel

Leave a Comment

error: Content is protected !!