स्थानीय कुम्हारों से खरीदे मिट्टी के दीये, आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश — पटाखा दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था का भी किया निरीक्षण
“हर घर स्वदेशी, हर पर्व स्वदेशी” की भावना को साकार करते हुए बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी ने दीपावली पूर्व स्थानीय बाजार पहुंचकर मिट्टी के दीये, पारंपरिक फरी एवं स्वदेशी उत्पाद खरीदकर स्थानीय कारीगरों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कुम्हार परिवारों से बातचीत कर उनके व्यापार की स्थिति, मांग और उत्पादन से जुड़ी जानकारी ली।
कलेक्टर श्री सोनी ने कहा कि —
“मिट्टी के दीये न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि वे हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा को संजोए हुए हैं। जब हम मिट्टी का दीया खरीदते हैं, तो हम केवल एक दीप नहीं जलाते, बल्कि एक कुम्हार परिवार की आजीविका को भी रोशन करते हैं।”
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि इस दीपावली स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें और चीनी या प्लास्टिक वस्तुओं के बजाय देशी कारीगरों के हाथों से बने उत्पादों का उपयोग कर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाएं।
कलेक्टर ने बताया कि स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने के लिए नगर में व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया गया है और नगर पालिका को निर्देश दिए गए हैं कि उनसे किसी प्रकार का टैक्स नहीं लिया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक सहयोग मिल सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर सख्ती — पटाखा दुकानों का निरीक्षण
दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने दशहरा मैदान स्थित पटाखा बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने दुकानदारों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने, विद्युत वायरिंग पर विशेष ध्यान देने और किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम एवं समाधान सेल से संपर्क करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की अपील भी की।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम प्रकाश कोरी, एसडीओपी निधि नाग और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बलौदाबाजार प्रशासन की यह पहल न केवल स्वदेशी भावना, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तीकरण की दिशा में प्रेरक कदम है, बल्कि यह अभियान देशभर में “लोकल फॉर वोकल” की भावना को और मजबूत करता है।
कलेक्टर दीपक सोनी द्वारा दिया गया यह संदेश — “मिट्टी के दीये जलाइए, आत्मनिर्भर भारत सजाइए” — इस दीपावली राष्ट्रीय स्तर पर स्वदेशी जागरूकता आंदोलन का प्रतीक बनकर उभरा है।