क्षेत्र के ग्राम पेण्ड्रीतालाब (टेकनपारा) में वरिष्ठ पत्रकार प्रीतम दिवाकर और उनके परिवार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा एवं डीएसपी लोरमी नवनीत पाटिल के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में लोरमी थाना प्रभारी अखिलेश कुमार वैष्णव और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
घटना 21 अक्टूबर 2025 की शाम की है, जब प्रीतम दिवाकर के घर के सामने बच्चों द्वारा फटाके फोड़ने की मामूली बात पर विवाद हुआ, जो बाद में खूनी झगड़े में बदल गया। पुरानी रंजिश के चलते राजकुमार, दिलीप, नीलकुमार, देवकुमार घृतलहरे और एक विधि से संघर्षरत बालक ने मिलकर घर में घुसकर धारदार हथियार, लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर दिया।
हमले में पत्रकार प्रीतम दिवाकर गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं बीच-बचाव करने आए परिजन जमुना बाई, ओमप्रकाश दिवाकर, उमेश दिवाकर और नरेंद्र दिवाकर को भी चोटें आईं। हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिनसे घटना में प्रयुक्त हथियार – लोहे की रॉड, चाकुनुमा हथियार और डंडा बरामद कर लिया गया। सभी चार आरोपियों को 23 अक्टूबर 2025 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
इस प्रकरण में थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 586/25 दर्ज कर धारा 296, 351(2), 115(2), 333, 191(2), 191(3), 190, 118(1), 324(5), 109 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका:
निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव, उप निरीक्षक सुंदरलाल गोरले, सउनि राजकुमारी यादव, प्रआर शेषनारायण कश्यप, आर. देवीचंद नवरंग, धर्मेन्द्र यादव, गणेश ध्रुव और कवि टोप्पो की भूमिका उल्लेखनीय रही।
संक्षेप में:
पत्रकार पर हमला करने वाले सभी आरोपी गिरफ्तार — पुलिस ने तीन दिन में सुलझाया मामला, हथियार बरामद — न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।