छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिले में 2 से 4 नवंबर तक कवर्धा के आचार्य पंथ गृथमुनि नाम साहेब शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैदान में भव्य तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष छत्तीसगढ़ स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर राज्योत्सव को ‘छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है।
इस जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पाण्डेय करेंगे। कार्यक्रम में पंडरिया विधायक भावना बोहरा, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी और जनपद अध्यक्ष सुषमा बघेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशन में राज्योत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को बैठक व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा, स्वच्छता, विद्युत, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और दर्शकों के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और जनजीवन की झलक देखने को मिलेगी। शासन की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने विभागीय स्टॉल लगाए जाएंगे, जहाँ नागरिकों को योजनाओं और सेवाओं की जानकारी मिलेगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रत्येक दिन शाम 5 बजे से होगा। इसमें लोककला, लोकसंगीत, नाचा, करमा, ददरिया, हास्य जुगलबंदी, कबीर गायन, लोक गायन, कत्थक, सूफी भजन, गजल और स्टार नाइट जैसे कार्यक्रमों से पूरा माहौल उत्सवमय बनेगा।
पहला दिन – 2 नवंबर:
कार्यक्रम की शुरुआत कस्तूरबा विद्यालय के विद्यार्थियों के लोक नृत्य “छत्तीसगढ़ दर्शन” से होगी। इसके बाद “मयारू के मया” लोकनृत्य (धनीदास मानिकपुरी), “माटी के चंदन” करमा-ददरिया (विष्णु यादव), हास्य जुगलबंदी (कौशल साहू एवं अनुप श्रीवास्तव), संगीत गायन (सरगम टीचर्स ग्रुप), लोककला मंच “गहना गांठी” (प्रमोद सेन), कबीर गायन (डॉ. भारती बंधु), भजन गायन (गौरव एवं स्वाती गुप्ता) और “परसा के फूल” लोकनृत्य (दानी वर्मा) की प्रस्तुति दी जाएगी।
दूसरा दिन – 3 नवंबर:
शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों का लोकनृत्य, क्लासिक म्यूजिकल ग्रुप (तुलेश्वर शर्मा), नृत्य एवं लोकगायन (कार्तिक साहू), बांस गीत (कुनीराम यादव), सुगम संगीत (राजीव केशरी), कत्थक नृत्य (सचिन कुम्हरे), सूफी भजन (रामखिलावन लांझेकर) और हास्य-लोकनृत्य (राकेश सेन, रामभज साहू एवं साथी) कार्यक्रम के आकर्षण रहेंगे।
तीसरा दिन – 4 नवंबर:
अंतिम दिन की शुरुआत अमरोही विद्यालय के विद्यार्थियों के आदिवासी नृत्य से होगी। इसके बाद सांस्कृतिक नृत्य (देव सिंह अहिरे), कबीर भजन (देव सिंह साहू), गजल गायन (अंकुर गुप्ता, आशुतोष गुप्ता), “गुरुतुर बोली गवई” (रजऊ साहू), लोककला मंच “अमरैया के छांव” (योगेन्द्र दास), जसगीत और माई का जगराता (गीरिश राजपूत) और दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय के विद्यार्थियों की भक्ति प्रस्तुति होगी। समापन में विवेक शर्मा और साथी “छत्तीसगढ़ गीत-संगीत” से सजी स्टार नाइट प्रस्तुत करेंगे।
तीन दिवसीय यह राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर, लोक परंपरा और संगीत की समृद्ध विरासत को शानदार रूप से प्रदर्शित करेगा ।