शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा — चयन सूची और बैठक कार्यवाही में अंतर, नियमों की अवहेलना साबित
ग्राम पंचायत सकरी (विकासखंड पलारी) स्थित डी.ए.वी. स्कूल में कक्षा केजी-1 के बच्चों के एडमिशन को लेकर मचे विवाद पर अब शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच में नियमों की अवहेलना और मनमानी तरीके से प्रवेश देने की पुष्टि हुई है।
इस पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने संबंधित नोडल प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
“सम्पर्क केन्द्र संवाद” में उठी थी शिकायत
यह मामला उस समय सामने आया जब जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे “सम्पर्क केन्द्र संवाद” कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि डी.ए.वी. स्कूल सकरी में कक्षा केजी-1 में पात्र बच्चों को मौका दिए बिना चयन किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कराई जांच
इस पर जिला शिक्षा अधिकारी, बलौदाबाजार-भाटापारा ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार एवं प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रिसदा को जांच सौंपी।
जांच रिपोर्ट पत्र क्रमांक 9493/20/भवन/संवाद/भाग/2025 दिनांक 30 अक्टूबर 2025 के माध्यम से जारी की गई।
रिपोर्ट में स्पष्ट — चयन में हुई अनियमितता
जांच प्रतिवेदन में कहा गया है —
“डी.ए.वी. स्कूल सकरी में केजी-1 कक्षा के प्रवेश हेतु प्राप्त आवेदन पत्र, चयन हेतु बैठक कार्यवाही विवरण और प्रवेश सूची में अंतर पाया गया। नोडल प्राचार्य ने नियमों की अवहेलना करते हुए मनमाने ढंग से प्रवेश किया है।”
इस आधार पर विभाग ने नोडल प्राचार्य के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
रिपोर्ट कलेक्टर और संचालनालय को भी भेजी गई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच रिपोर्ट की प्रतिलिपि
कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा तथा
संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर
को सूचनार्थ भेजी गई है।
अभिभावकों की मांग — पात्र बच्चों को मिले उनका हक
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि पात्र बच्चों को एडमिशन से वंचित रखा गया। उनकी मांग है कि दोषी अधिकारी पर कार्रवाई करते हुए बच्चों को उनका हक दिया जाए।
शिक्षा विभाग के लिए बना पारदर्शिता की परीक्षा
यह मामला जिले में शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही की अहम परीक्षा माना जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की शिकायतें अगर सत्य पाई जाती हैं तो निजी व अर्द्धसरकारी स्कूलों की भर्ती प्रक्रिया पर सख्ती जरूरी है।