अखिल भारतीय बाघ गणना–2026 (छठवें चरण) के लिए तैयारियों को गति देते हुए वनमंडल कवर्धा में आज वृत्त स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण काष्ठागार कवर्धा के सभागार में दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय बाघ गणना अभियान को वैज्ञानिक, सटीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करना है।

प्रथम सत्र में विशेषज्ञों द्वारा साइन सर्वे, ट्रांजेक्ट सर्वे और कैमरा ट्रैप आधारित अध्ययन के तकनीकी पहलुओं का विस्तार से कक्षा अध्ययन कराया गया। इसके बाद फील्ड एक्सरसाइज के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इस प्रशिक्षण में दुर्ग वन वृत्त के सभी वनमंडलों से नामित अधिकारी व कर्मचारी मास्टर ट्रेनर्स के रूप में शामिल हुए। ये प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने वनमंडलों में फील्ड स्टाफ को प्रशिक्षित कर बाघों की गणना प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाएंगे। ज्ञात हो कि अखिल भारतीय बाघ गणना हर चार वर्षों में आयोजित की जाती है, जो राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण नीतियों के मूल्यांकन का महत्वपूर्ण आधार है।

प्रशिक्षण में सतोविशा समाजदार, प्रभारी मुख्य वन संरक्षण (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र संचालक, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व रायपुर; वरुण जैन, उप निदेशक उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व गरियाबंद; निखिल अग्रवाल, वनमंडलाधिकारी कवर्धा; अभिनव केशरवानी, उप वनमंडलाधिकारी कवर्धा; शिवेन्द्र भगत, उप वनमंडलाधिकारी सहसपुर–लोहारा; कृषानू चंद्राकर, अधीक्षक बारनवापारा अभयारण्य; अनिता साहू, अधीक्षक भोरमदेव अभयारण्य तथा वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से ओंकार सहित दुर्ग वन वृत्त के परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक और वनरक्षक उपस्थित रहे।


