महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत ग्रामीण विकास को वैज्ञानिक, पारदर्शी और टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए सभी निर्माण एवं परिसंपत्ति सृजन कार्यों का चयन अब युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। यह पोर्टल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग केंद्र द्वारा विकसित भूवन प्लेटफार्म पर आधारित है, जो जीआईएस और रिमोट सेंसिंग तकनीक के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर सटीक और जरूरत आधारित योजना निर्माण को संभव बना रहा है। युक्तधारा पोर्टल के जरिए भौगोलिक एवं स्थानीय आंकड़ों का समन्वय कर ग्राम पंचायतों की भौतिक परिस्थितियों के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में ग्रामीणों की अनुशंसा को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां मैदानी कर्मचारी ग्राम सभाओं के साथ चर्चा कर कार्यों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इससे मनरेगा योजनाओं में जनभागीदारी के साथ-साथ तकनीकी सटीकता भी सुनिश्चित हो रही है। इस संबंध में कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले में युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से सभी अनुमेय कार्यों का वर्गीकरण नरेगा सॉफ्ट डेटाबेस के अनुरूप किया गया है। जीआईएस आधारित योजना और ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित वार्षिक कार्य योजना का एकीकरण कर ऑनलाइन अनुमोदन की व्यवस्था की गई है, जिससे कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी वित्तीय वर्ष से जिले में सभी निर्माण कार्यों की स्वीकृति युक्तधारा पोर्टल से ही की जाएगी। जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जिले की 471 ग्राम पंचायतों में से 264 ग्राम पंचायतों में युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से कार्य योजना तैयार की जा चुकी है, जिनमें से 245 ग्राम पंचायतों की योजनाएं पोर्टल पर अपलोड कर दी गई हैं। शेष ग्राम पंचायतों में योजना निर्माण का कार्य तेज गति से जारी है, जिसे आगामी दिनों में पूर्ण कर लिया जाएगा। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से मनरेगा के तहत आजीविका संवर्धन, जल संरक्षण और सामुदायिक परिसंपत्ति निर्माण को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसमें आजीविका डबरी, हितग्राही एवं सामुदायिक वृक्षारोपण, मोर गांव मोर पानी अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण कार्य, नर्सरी निर्माण, पशु आश्रय शेड, कूप एवं झिरिया निर्माण, आंगनवाड़ी व स्कूल किचन शेड, हाट बाजार शेड, मुक्तिधाम और अमृत सरोवर जैसे कार्य शामिल हैं। युक्तधारा पोर्टल के जरिए तैयार की जा रही यह कार्य योजना न केवल रोजगार सृजन को मजबूती देगी, बल्कि वैज्ञानिक पद्धति से परिसंपत्तियों के निर्माण के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जल सुरक्षा और आजीविका के स्थायी साधनों को भी सशक्त बनाएगी। यह पहल मनरेगा को तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी के नए युग में ले जाने वाला निर्णायक कदम मानी जा रही है।