बलौदा बाजार जिले के जनपद पंचायत भाटापारा अंतर्गत ग्राम पंचायत राजपुर में खैरा–खपरी मार्ग पर शमशान घाट के पास लगभग 100 मीटर सीसी रोड का निर्माण भ्रष्टाचार और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। करोड़ों के सरकारी दावों के बीच यह सड़क महज तीन महीने में ही क्षतिग्रस्त होकर टूटने लगी है, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
निर्माण के बाद ठेकेदार द्वारा साइड सोल्डर नहीं डाला गया, जिसके कारण सड़क किनारे धंसान बनी हुई है। हालात इतने खतरनाक हैं कि आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
हैरानी की बात यह है कि कार्य स्थल पर नागरिक सूचना पटल तक नहीं लगाया गया, जिससे लागत, स्वीकृति, ठेकेदार का नाम और समय-सीमा जैसी अनिवार्य जानकारियां पूरी तरह गायब हैं। यह स्थिति साफ संकेत देती है कि निर्माण कार्य नियमों और मानकों को ताक पर रखकर किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक न तो जांच शुरू हुई और न ही मरम्मत, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। सवाल यह है कि क्या घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?
यह मामला केवल एक गांव की सड़क का नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं में हो रही लूट और जवाबदेही के अभाव का राष्ट्रीय उदाहरण बनता जा रहा है।